इंदौर के नंदानगर क्षेत्र स्थित तीन पुलिया तिराहे पर छत्रपति शिवाजी महाराज की माता जिजाऊ की आदमकद प्रतिमा का रविवार को भव्य समरोह के साथ आवरण किया गया इस दौरान छत्रपति शिवाजी महाराज के वंशज व भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय सहित अन्य गणमान्य लोग ने रिमोट कंट्रोल से राजमाता जिजाऊ प्रतिमा का अनावरण किया,इस दौरान मौजूद रहे।
-दरअसल सर्व मराठी भाषी संघ अध्यक्ष स्वाति युवराज काशिद द्वारा मा जिजाऊ की प्रतिमा अनावरण समारोह को यादगार बनाने की तैयारियां लंबे समय से चल रहीं थी जो रविवार को पूरी हुई। गौरतलब है कि इंदौर से 135 लोगों का दल स्वाति काशिद के नेतृत्व में माता जिजाऊ के जन्मस्थान सिंदखेड़ राजा महाराष्ट्र गया था और वहां की पवित्र मिट्टी को एक कलश में भरकर मशाल लिए पैदल इंदौर आये थे इस यात्रा को स्वराज स्वाभिमान यात्रा नाम दिया गया था। करीब 400 किमी का सफर 17 वे दिन इंदौर पहुंचा। इंदौर आगमन पर दल का जोरदार स्वागत कर अगवानी की गई। वही 29 जनवरी रविवार रात को भव्य समारोह में हजारों की संख्या की मौजूदगी में राजमाता जिजाऊ की प्रतिमा का अनावरण किया गया। इस दौरान शिवाजी राव महाराज के वंशज संभाजी भौसले ने कहा कि आज माता चाहती है कि उन्हें शिवाजी महाराज जैसी संतान हो, लेकिन माताओं को जीजा माता बनना होगा। शिवाजी को संस्कार उनकी मां से मिले, इसलिए वे योद्धा कहलाए। प्रतिमा समारोह में उत्तम स्वामी महाराज, अण्णा महाराज, विक्रम सिंह पंवार, सांसद शंकर लालवानी, विधायक रमेश मेंदोला मौजूद थे।
इस मौके पर भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि हमारे देश का इतिहास लिखने वालों ने कंजूसी की। जिजाऊ माता, शिवाजी महाराज सहित अन्य योद्धाओं ने हिन्दू साम्राज्य को स्थापित करने में योगदान दिया, लेकिन इतिहास के पन्नों में उन्हें सम्मानजनक स्थान नहीं मिला। विजयवर्गीय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कह चुके हैं कि भारत का इतिहास फिर से लिखना पड़ेगा। उन सब लोगों को सम्मान देना होगा, जो देश पर न्यौछावर हुए। उन्होंने कहा कि आने वाला समय चुनौती भरा है। आज शिक्षा तो प्राप्त करना आसान है, लेकिन अच्छे संस्कार सिर्फ मां ही दे सकती है।
-आपको बता दें इंदौर के तीन पुलिया चौराहे पर जिजाऊ माता और बाल शिवाजी की प्रतिमा लगाई गई। चौराहे पर शिवनेरी किले की प्रतिकृति बनाई गई है। कार्यक्रम में मूर्ति बनाने वाले प्रभात, चौराहे को बनवाने वाले पूर्व पार्षद चंदू शिंदे और अजय मलमकर का भी सम्मान किया गया।
