इंदौर। पटेल नगर में मंदिर की बावड़ी में हुए हादसे के दौरान एक युवक अपनी मां और दादी को बचाने के लिए बावड़ी में कूद गया।
युवक मयंक पटेल के मुताबिक जैसे ही मुझे बावड़ी में हादसे की सूचना मिली मैं नवलखा लोहामंडी स्थित अपने आफिसर से घटनास्थल पर पहुंचा। बावड़ी में मेरी मम्मी ज्योति पटेल व दादी रतन बेन गिर गई थी। पुलिस मौके पर आ चुकी थी। मैंने उनकी अनुमति ली और बताया कि मुझे तैरना आता है। इसके बाद मैं बावड़ी में कूदा और अन्य दो तीन युवक भी लोगों को बचाने के लिए कूदे। बावड़ी में अंदर पहुंचकर मैंने कुछ लोगों को सीढ़ियों पर बैठाया। करीब 45 मिनट से एक घंटे तक बावड़ी में रुका रहा। सफोगेशन होने लगा तो रस्सी पकड़कर बाहर आया। मेरी मम्मी ज्योति पटेल को सबसे पहले निकाला गया।
पल-पल कलेक्टर से घटना की जानकारी लेते रहे सीएम
हादसे की जानकारी मिलने के बाद घटनास्थल पर कलेक्टर इलैया राजा , संभागायुक्त पवन कुमार शर्मा, निगमायुक्त प्रतिभा पाल, पुलिस आयुक्त मकरंद देऊसकर पहुंचे। ये लोग दिनभर व देर रात तक डटे रहे। कलेक्टर मुख्यमंत्री काे लगातार फोन पर हादसे की घटना की जानकारी देते रहे। सुबह से घटना स्थल पर राजनीति दल के नेता भी जानकारी लेने के लिए पहुंची। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, पूर्व मुख्यमंत्री व राज्यसभा सदस्य दिग्विजिय सिंह, पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन, सांसद शंकर लालवानी, मंत्री तुलसी सिलावट, महापौर पुष्यमित्र भार्गव सहित अन्य नेता घटना स्थल पर पहुंचे।
इस तरह रेस्क्यू आपरेशन के लिए पहुंची टीमें, इस तरह बदलती रही योजना
12 बजे: निगम की टीम रेस्क्यू के लिए पहुंची।
12.15 बजे: एसडीइआरएफ व होमगार्ड की 15-15 लोगों टीम रेस्क्यू के लिए पहुंची।
2.27 बजे: एमवाय असप्ताल से डाक्टरों का दल दवाओं के साथ घटना स्थल पर आया।
3 बजे: एसडीईआरएफ की टीम रस्सी, टार्च रोशनी व स्ट्रेचर व अन्य सामान लेकर बावड़ी में उतरी।3 बजे: राम नवमी पर शहर में ड्यूटी के लिए आए रैपिड एक्शन फोर्स की टीम के 40 लोग घटना स्थल पर पहुंचे।
4.30 बजे: भोपाल से एनडीईआरएफ की टीम रेक्स्क्यू के लिए घटना स्थल पर पहुंची।
10 बजे: महू से तीन टीम में पहुंचे 70 जवान ।
इस तरह बदलती रही योजना
12 बजे: हादसे के बाद रस्सी लटकाकर लोगों को लोगों को खींचकर बाहर निकालने का प्रयास किया गया। कुछ सीढ़ियों को भी बावड़ी में फेंका गया ताकि लोग उस पर खड़े हो अपनी जान बचा सके।
1.30 बजे: बावड़ी के ऊपर बने शेड को हटाने के लिए क्रेन लाई गई लेकिन अंदर रेस्क्यू चलने के कारण उसे रोका गया। और टीनशेड काटने का काम शुरु हुआ।
4 बजे: निगम की डी वाटरिंग गाड़ी से बावड़ी का पानी निकालने की कवायद शुरु की गई। इस बीच एसडीईआरएफ के जवान व गोताखोर उतरे।
4.24 बजे: पुन: क्रेन से टीन शेड की छत को तोड़ने का प्रयास शुरु हुआ। दीवार में छेद किया गया ताकि पाइप पहुंचा जा सके।
7.29 बजे: 25 हार्स पावर के पंप लाए गए ताकि बावड़ी का पानी जल्द निकाला जा सके।
8.33 बजे: दीवार को जेसीबी से तोड़ा गया और ज्याद क्षमता वाले पंपों से पानी निकालने का काम शुरु किया गया।
10.30 बजे : टिन शेड तोड़ने का प्रयास किया।
11.30 बजे : ट्रालीक्रेन में बैठकर सेना व एनडीआरएफ की टीम शव तलाशने बावड़ी में उतरी।
