मकान हड़पने वाले भूमाफियाओं से एक परिवार इतना परेशान हो गया कि उसने शिवराजसिंह चौहान को जनआशीर्वाद यात्रा में पोस्टर दिखा दिए। पोस्टर में लिखा था कि सीएम साहब भूमाफियाओं से हमारी रक्षा करो। सीएम साहब आपके दो मिनट हमारा जीवन बचा सकते हैं। भूपेन्द्र राजपूत और उनकी पत्नी नताशा राजपूत का घर भूमाफिया सुनील पाटीदार, नंदकिशोर खंडेलवाल हड़प चुके हैं, अपना आशियाना बचाने के लिए भूपेन्द्र राजपूत ने सीएम से गुहार लगाई।
मामला ऐसा है कि 250 विजय नगर भूखंड पर इनका घर है, जिसे खरीदने के लिए एस्पायर होम फायनेंस से लोन लिया था। लॉकडाउन में कुछ किश्तें नहीं भर पाए तो इनका घर नंदकिशोर खंडेलवाल ने ओने-पोने दाम में एस्पायर होम फायनेंस से सांठगांठ करके खरीद लिया। जिसका मामला अभी डीआरटी जबलपुर हाईकोर्ट में विचाराधीन है। कब्जा भूपेन्द्र राजपूत का था, इसी बीच खंडेलवाल ने अपने साथी सुनील पाटीदार को मकान बेच दिया। पाटीदार ने ताला तोड़कर जितेन्द्र शिंदे को किराये पर यह मकान दस लाख रूपए में दे दिया। भूपेन्द्र राजपूत ने बताया कि नंदकिशोर खंडेलवाल, सुनील पाटीदार को भूमाफिया बताते हुए कहा कि ये ऐसे जादूगर भूमाफिया हैं, जिन्होंने करीब 13 लाख रूपए में मेरा मकान सांठगांठ बैंक से करके खरीदा और इसी मकान सेे करीब डेढ़ करोड़ रूपए का लोन आईसीआईसीआई बैंक से उठा लिया। जबकि इस मकान का नामांतरण भूपेन्द्र राजपूत के नाम पर है और नामांतरण पर आपत्ति भी लगा रखी है। इसके बावजूद आईसीआईसीआई बैंक ने लोन कैसे दे दिया। जबकि मामला जबलपुर हाईकोर्ट डीआरटी में चल रहा है। भूमाफियाओं ने इस दंपत्ति को इस तरह से उलझाया कि इस परिवार ने मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान से रक्षा के लिए गुहार लगाई। पीडि़त भूपेन्द्र राजपूत का कहना है कि आईसीआईसीआई बैंक ने बगैर नगर निगम के नामांतरण के लोन कैसे दे दिया, वहां भी फर्जी दस्तावेज पर लोन करवाने वाले बैठे हैं क्या। भूमाफिया ने बैंक को भी चूना लगा दिया। राजपूत ने कहा कि हमारा घर हड़पने वाले नंदकिशोर खंडेलवाल, सुनील पाटीदार के खिलाफ मेरा परिवार आखिरी सांस तक लड़ेगा।
