बिना बिकी रह गईं 46 दुकानें, अब आनलाइन टेंडर से बिकेगी

By Abhishek Raghuvanshi
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पिछले साल इंदौर जिले की 64 समूहों की 173 दुकानें 1276 करोड़ रुपयों में नीलाम हुई थी। नई शराब नीति में अहातों को बंद करने के शासन के निर्णय का सीधा असर शराब दुकानों पर पड़ा है। जिले की कुल 64 मदिरा समूहों में से 25 समूहों की दुकानों के लाइसेंस रिन्यू नहीं हुए थे। उनमें से केवल सात समूहों की दुकानें ही बिक पाई हैं। 18 समूहों की 46 दुकानें बिना बिकी रह गई हैं। इसके लिए 14 मार्च से आनलाइन टेंडर बुलाए जाएंगे।

सहायक आबकारी आयुक्त मनीष खरे ने बताया कि पिछले साल इंदौर जिले की 64 समूहों की 173 दुकानें 1276 करोड़ रुपयों में नीलाम हुई थीं। इस साल 10 प्रतिशत राशि अधिक लेकर पुराने लाइसेंस को ही नवीनीकरण करने के लिए कहा गया था। इससे इंदौर जिले की सभी दुकानें करीब 1400 करोड़ के राजस्व में नीलाम करने का लक्ष्य रखा गया था। नवीनीकरण से बच गए 25 मदिरा एकल समूहों को लाटरी के माध्यम से करने का निर्णय लिया गया था। गुरुवार को इसके आवेदन की अंतिम तारीख थी। शुक्रवार को इन दुकानों में से 39 आवेदन आए थे। इससे सात समूहों की दुकानें बिक गईं। हमने 1400 करोड़ के राजस्व लक्ष्य में से करीब 982 करोड़ का लक्ष्य प्राप्त कर लिया है।

दूर शिफ्ट की जाएंगी 18 दुकानें
आबकारी अधिकारियों के अनुसार, हर समूह में करीब तीन दुकानें होती हैं। इस तरह जिले के करीब 18 समूहों की 46 दुकानों का लाइसेंस नवीनीकरण नहीं हुआ है। इधर सूत्रों का कहना है कि अहाते बंद होने से दुकानों के लाइसेंस नवीनीकरण नहीं करवाए गए हैं। नई नीति के आने के बाद से ही इस बात की आशंका जताई जा रही थी कि वर्तमान में दुकान चला रहे ठेकेदार या समूह अपनी दुकान का लाइसेंस नवीनीकरण नहीं करवाएंगे। 18 दुकानें नए नियम के तहत धर्मस्थल, अस्पताल और स्कूलों के पास होने से दूर शिफ्ट हो जाएंगी।

यहां की दुकानें नहीं बिकी
पीपल्यापाला, राजवाड़ा, महू नाका, मालवा मिल, पलासिया, एमजी रोड, सांवेर, परदेशीपुरा, गांधीनगर।

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