बार-बार हो रही ट्रिपिंग की समस्या से परेशान हैं उद्योगपति, पहली भी कई बार हो चुकी बैठक, लेकिन हल नहीं निकला।
इंदौर और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में बार-बार हो रही ट्रिपिंग से परेशान उद्योगपति सोमवार को एक बार फिर बिजली कंपनी के अफसरों के पास पहुंचे। उद्योगपतियों और अफसरों के बीच चर्चा हुई। इससे पहले भी दसियों बैठकें हो चुकी हैं। आखिरकार उद्योगपतियों ने कह दिया कि हम समस्या सुनाने नहीं आए हैं। अब हल चाहते हैं।
एसोसिएशन आफ इंडस्ट्रीज मप्र (एआइएमपी) के अध्यक्ष योगेश मेहता विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों के उद्योगपतियों के साथ पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के एमडी अमित तोमर के पास पहुंचे थे। मेहता ने कहा कि आज हम शिकायत लेकर नहीं आए हैं। वास्तविक समस्या का निदान चाहते हैं। मेहता ने कहा, ट्रिपिंग से उद्योग परेशान हैं। इससे सीधे तौर उद्योगों के उत्पादन पर असर पड़ रहा है। मशीनें खराब हो रही हैं। किसी एक कारखाने में फाल्ट आता है तो पूरे क्षेत्र की बिजली गुल हो जाती है। लाइनों को अलग करने के लिए आइसोलेटर तक नहीं लगाए गए। मेहता ने कहा, उद्योगों की क्षमता बढ़ाने के लिए नया ट्रांसफार्मर खुद लगाने के लिए कहा जा रहा है। छोटे उद्योगों के लिए यह संभव नहीं है।
बार-बार खराब होती हैं चीजें, बदली नहीं जाती
पालदा औद्योगिक क्षेत्र से भी हरीश नागर और प्रमोद जैन ने समस्या रखी। नई ग्रिड बनाने की मांग रखी। इंसुलेटर और लूज कंडक्टर, वायर, फ्यूज जैसी चीजें बार-बार खराब होती हैं और बदलती नहीं। बिजली कंपनी के अन्य अधिकारी भी चर्चा में शामिल थे। उद्योगपतियों ने साफ कहा कि बिजली कंपनी के कर्मचारी साफ कह रहे हैं कि उन्हें सुधार के लिए सामग्री नहीं मिलती। इस पर एमडी तोमर वहां मौजूद अधिकारियों से पूछने लगे कि क्या स्टोर में सामान है।
तमाम बैठकों के बाद भी दूर नहीं हुई समस्याएं
आयरन मिलों से लेकर प्लास्टिक उद्योग भी ट्रिपिंग से होने वाले नुकसान का ब्योरा कंपनी के एमडी को पहले दे चुके हैं। हालांकि तमाम बैठकों के बाद समस्या दूर नहीं हुई। एक बार फिर उद्योगपति समस्या लेकर पहुंचे और एमडी ने फिर से आश्वासन दे दिया।
