- पुलिन को लेकर घटना का नाट्य रूपांतरण L आरोपित ने कहा-रोटियां भी गिनकर खिलाई जाती थीं।
- आरोपित पुलिन धामंदे को पिता और बहन की हत्या का कोई मलाल नहीं है।
- जेल छोड़ने गए पुलिस वालों से बोला आरोपित – यहां कम से कम बात करने वाले तो मिलेंगे।
- स्वजन पुलिस को मनोरोगी बता रहे थे। थाने में पुलिन ने रोगियों जैसी कोई हरकत नहीं की।
इंदौर। सेवानिवृत्त बैंक मैनेजर कमल किशोर धामंदे और उनकी बेटी रमा की हत्या का आरोपित पुलिन को सोमवार को ही जेल भेज दिया गया। पुलिन को पिता और बहन की हत्या का जरा भी मलाल नहीं है। कोर्ट में पेश करने के पहले पुलिस उसे घर ले गई तो उसने नाट्य रूपांतरण कर पूरा घटनाक्रम फिल्माया। जेल में दाखिल करने गए पुलिसवालों से कहा कि घर भी तो जेल थी। यहां कम से कम बात करने वाले तो मिलेंगे।
43 वर्षीय पुलिन ने आठ नवंबर को पिता कमल किशोर और बड़ी बहन रमा की मूसली से हत्या की थी। रविवार को पुलिस ने पुलिन को गोवा से गिरफ्तार किया। स्वजन पुलिस को मनोरोगी बता रहे थे। थाने में पुलिन ने रोगियों जैसी कोई हरकत नहीं की, बल्कि उसने कहा कि बहन और पिता उसे पागल समझते थे। जबर्दस्ती दवा खिलाते थे। घर में भी पागलों जैसा बर्ताव करते थे।
गिनकर खिलाते थे रोटियां
पुलिन ने कुर्ते-पाजामे की तरफ इशारा कर कहा कि इसमें बटन तक नहीं है। यहां तक कि उसे बनियान तक नहीं दिलवाई। रोटियां भी गिनकर खिलाई जाती थीं। पुलिन की बहन क्षमा, बहनोई पीयूष, नीरा और मां किरण थाने गई, लेकिन पुलिन ने मिलने से इन्कार कर दिया। शाम को पुलिसकर्मी जेल में दाखिल करने गए तो पुलिन ने कहा कि यह जेल घर से अच्छी है।
