
अतिक्रमण, स्वच्छता व फुटपाथ पर कब्जों को लेकर महापौर का मैदान में उतरना यही संकेत दे रहा है।
कहा जाता है कि निजाम बदलते ही वजीर और प्यादों के रंग-ढंग भी बदल जाते हैं। यही बात इन दिनों इंदौर में भी देखने को मिल रही है। प्रदेश में भाजपा नेतृत्व ने बदलाव करते हुए डा. मोहन यादव को मुख्यमंत्री बना दिया। कार्यभार संभालते ही बड़े सरकार ताबड़तोड़ फैसले कर रहे हैं। उनके देखादेखी अपने इंदौर के छोटे सरकार यानी महापौर पुष्यमित्र भार्गव भी एक्शन में दिखाई दे रहे हैं। पिछले डेढ़ साल के कार्यकाल में महापौर को उच्च अधिकारियों के अलावा भोपाल से भी वैसा सहयोग नहीं मिल रहा था, जैसी अपेक्षा थी। अब बड़े सरकार को उसी खेमे का बताया जा रहा है, जिसका ठप्पा महापौर पर भी लगा है। ऐसे में बड़े सरकार का साथ मिलते ही छोटे सरकार भी बदले-बदले नजर आने लगे हैं। अतिक्रमण, स्वच्छता व फुटपाथ पर कब्जों को लेकर महापौर का मैदान में उतरना यही संकेत दे रहा है।
