संस्था रामराज्यम ने भी आईडीए के रवैये से तंग आकर सवाल उठाना शुरू कर दिए हैं। रामराज्यम के संयोजक दीपक सिंह पंवार ने कहा है कि हिन्दुत्व की बात करने वाली भाजपा की सरकार केंद्र और प्रदेश में भी है, इसके बावजूद बजरंगदल पर लठ बरसाये जाते हैं और शुद्ध रूप से हिन्दुत्व को सनातन धर्म को, संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए लगाए गए मेले पर आईडीए नोटिस भेजकर प्रहार करता है। विहिप और उसके अनुयायी संगठनों के साथ मिलकर लगाए गए खाटू श्याम के मेले को टारगेट किया जा रहा है तो इसमें जयचंद कौन-कौन है।
– उल्लेखनीय है कि गत दिनों हुए बजरंगियों पर लाठीचार्ज का मामला अभी ठंडा हुआ ही नहीं है, उसके ऊपर विजय नगर चौराहे पर लगा खाटू श्याम दरबार का मेला भी मुद्दा बन गया है। यह मेला विहिप और उसके अनुयायी संगठनों के साथ मिलकर लगाया गया है, जिसमें हिन्दुत्व की, सनातन धर्म की, संस्कृति की और बच्चों में संस्कार को बढ़ावा देने का कार्य किया जा रहा है। इसके बावजूद मेला आयोजको को आईडीए टारगेट कर रहा है, जबकि केंद्र और प्रदेश में हिन्दुत्व की बात करने वाली भाजपा की सरकार है। गौर करने वाली बात है कि विश्व हिन्दु परिषद का बजरंगदल जब रोड पर नशामुक्ति के लिए काम करता है तो उस पर लठ बरसाये जाते हैं और विहिप के अनुयायी संगठनों के साथ मिलकर हिन्दु धर्म, संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए मेला लगाया जाता है तो उस पर भी प्रहार किया जाता है। यह सब भाजपा के राज में। ऐसे में हिन्दु संगठनों के कार्यकर्ता भी दुखी हैं। संस्था रामराज्यम के दीपक सिंह पंवार का कहना है कि विश्व हिन्दू परिषद और हिन्दू संगठनों के साथ मिलकर धर्म, संस्कृति को बढ़ावा के लिए यह मेला लगाया था, जो कि शुद्ध रूप से हिन्दुत्व का मेला है तो इस पर शासन नोटिस भेजकर लीज निरस्त कर देता है, जो गलत है। खाटू वाले श्याम के भव्य दरबार की विश्व हिन्दू परिषद, बजरंगदल, आरएसएस, धर्म जागरण समन्वय मातृशक्ति, दुर्गावाहिनी सहित सभी हिन्दू संगठन तारीफ कर रहे हैं कि पहला ऐसा मेला है, जिस पर हिन्दुओं की बात हो रही है। फिर भी जयचंदो के साथ मिलकर आईडीए हिन्दुत्व के मेले को परेशान कर रहा है। ये सब कांग्रेस के राज में होता तो समझ में आता, लेकिन भाजपा के राज में ही हिन्दुत्व की आवाज को दबाने का काम आईडीए कर रहा है। विजय नगर पर लगे खाटू श्याम के इस दरबार के साथ हिन्दु संगठनों के कार्यकर्ताओं की लंबी फौज खड़ी हो गई है, जिसने साफ तौर पर कहा है कि खाटू के इस मंदिर को वो हटने नहीं देंगे।
