- मुख्यालय ने इस पर कड़ी आपत्ति लेते हुए इसी माह पत्र जारी किया है।
प्रदेश के कई आइजी, एसपी पुलिस मुख्यालय के उन नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं जो पुलिस मुख्यालय द्वारा ही जारी किए गए हैं। मुख्यालय ने कई बार आइजी, एसपी को उसके संबंध में पत्राचार भी किया, लेकिन राजनीतिक दबाव और पसंदीदा अफसरों के कारण वह हमेशा झुकते रहे। आइजी और एसपी को मुख्यालय से स्पष्ट निर्देश हैं कि किसी भी पुलिस अधिकारी को जिनके विरूद्ध हिरासत में मौत और भ्रष्टाचार के मामले दर्ज हो, उन्हें किसी भी थाने और क्राइम ब्रांच में पोस्टिंग नहीं दी जाएगी। मगर फिर भी खासकर थाना प्रभारी और सीएसपी स्तर के अधिकारियों को इन पदों पर कुर्सी सौंप दी जाती है। मुख्यालय ने इस पर कड़ी आपत्ति लेते हुए इसी माह पत्र जारी किया है। जिसमें सबसे ज्यादा मामले इंदौर जोन के हैं, जिसमें प्रकरण विचाराधीन होने के बाद भी इनकी पोस्टिंग हो रही है।
जोन एक के अफसरों का सिंघम अंदाज
अचानक अपराध बढ़ने के बाद चारों जोन के अफसर एक्शन मोड में आए और अपराधियों को घर से निकाल-निकाल कर हवालात पहुंचाया जा रहा है। कई जगह चाकू-छुरी चलाने वालों के हाथ पैर टूट गए तो कई को तस्करी और डकैती के मामले में जेल की राह दिखा दी। मगर सबसे ज्यादा चर्चा जोन एक की है जो अलग ही अंदाज में अपराधियों को सबक सिखा रही है। यहां की पुलिस ने पेट्रोल पंप पर फायरिंग करने वाले एक गुंडे को न सिर्फ गिरफ्तार किया, बल्कि टूटी-फूटी हालत में व्हीलचेयर पर उसी जगह लेकर पहुंची जहां गोली चलाई थी। गुंडे से पंपकर्मियों के पैर पड़वाए और माफी मंगवाई। गुंडे की ऐसी हालत देखकर लोग ताली बजाने लगे। शनिवार को ही जोन एक की सदर बाजार पुलिस ने आठ गुंडों का अर्धनग्न हालत में जूना रिसाला में जुलूस निकाला। इन गुंडों ने पथराव किया था। पुलिस ने उनसे वह पत्थर भी उठवाए जो उन्होंने बरसाए थे। शहर में अपराध बढ़ने के बाद पुलिस देरी से सक्रिय हुई, लेकिन इस सक्रियता के परिणाम भी नजर आ रहे हैं।
विजय नगर एसीपी ने सभी को चौंकाया
विजय नगर सर्कल में एसीपी शिवपाल सिंह कुशवाह की पोस्टिंग ने सभी को चौंका दिया है। यूं तो कुशवाह की न्यायालय में पोस्टिंग है, लेकिन उन्हें प्रभार सौंप दिया गया है। दरअसल यहां पर एसीपी सोनाक्षी सक्सेना की पोस्टिंग थी। सोनाक्षी सक्सेना आइपीएस हैं और प्रदेश के डीजीपी सुधीर सक्सेना की बेटी हैं। सोनाक्षी की प्रशिक्षण अवधि समाप्त होने पर उन्हें हैदराबाद ट्रेनिंग पर जाना पड़ा। अब ऐसे में विजय नगर सर्कल को बगैर एसीपी के नहीं रखा जा सकता है। लिहाजा पुलिस कमिश्नर मकरंद देऊस्कर को शिवपाल सिंह कुशवाह की पोस्टिंग करनी पड़ी। कुशवाह चंदन नगर, पलासिया और भंवरकुआं के थाना प्रभारी रह चुके हैं। हालांकि उनकी पोस्टिंग चौंकाने वाली इसलिए भी है, क्योंकि अन्य एसीपी भी हैं जो क्राइम ब्रांच और सीपी कार्यालय में पदस्थ हैं और उन्हें उम्मीद थी कि कुछ समय के लिए विजय नगर की कमान उन्हें सौंपी जा सकती है।
इस खींचतान के भी बहुत सारे फायदे हैं…
लंबे समय के बाद शहर में युवा अफसरों को फौज तैनात हुई है। चुनाव आयोग के कारण हाल ही में वर्षों से जमे सभी अधिकारियों को इधर-उधर कर दिया। इसके बाद अब नए अफसरों की जगह पर कई ऐसे अफसरों की पोस्टिंग हुई है जो पहली बार पोस्टिंग पाने वालों में शामिल हैं। अब इन लोगों में काम के साथ नाम की भी होड़ मची हुई है। हाल ही में क्राइम ब्रांच में इसे लेकर खींचतान चल रही है। जैसे ही शहर में कोई बड़ी घटना घटित होती है, क्राइम ब्रांच आरोपितों के पीछे पड़ जाती है। अफसरों के सामने किरकिरी न हो इसलिए संबंधित अधिकारी भी मामलों में जुट जाते हैं। इन दोनों की खींचतान में भला तो शहर का ही हो रहा है क्योंकि अपराधी ज्यादा दिन तक बच नहीं पाता और पुलिस की नजरों में भी बना रहता है।
