इंदौर शहर में विभिन्न धार्मिक-सामाजिक संगठनों के कार्यक्रम 22 अप्रैल को आयोजित किए जाएंगे। इसमें अक्षय तृतीया पर भगवान परशुराम की शोभायात्रा निकलेगी और ईद की नमाज भी ईदगाह और मस्जिदों में होगी। जैन संत आदित्य सागर की धर्मसभा के साथ ही अन्नपूर्णा मंदिर परिसर योग शिविर आयोजित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त लालबाग में मेला लगेगा और पार्थिव शिवलिंग निर्माण पूजन कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा।
- परशुराम महासभा मध्य प्रदेश के तत्वावधान में भगवान परशुराम का प्राकट्य उत्सव जानापाव तीर्थ एवं राजेंद्र नगर में मनाया जाएगा। सुबह 4 बजे ब्रह्म मुहूर्त में जानापाव में भगवान परशुराम की बाल्यावस्था वाली मूर्ति का पूजन, अभिषेक एवं ऋषि जमदग्नि द्वारा स्थापित जनकेश्वर महादेव का रुद्राभिषेक किया जाएगा। जानापाव पर्वत शिखर पर सुबह 6.30 बजे से मां रेणुका ज्योति यात्रा प्रारंभ होगी। यह गवली पलासिया, महू शहर, राऊ होते हुए सुबह 8 बजे राजेंद्र नगर पहुंचेगी। राजेंद्र नगर से शोभायात्रा निकलेगी।
अन्नपूर्णा आश्रम ट्रस्ट के सहयोग से अन्नपूर्णा मंदिर परिसर में चमेलीदेवी योग केंद्र एवं बालाजी सेवार्थ विनोद अग्रवाल फाउंडेशन द्वारा आयुर्वेद एवं नेचरोपैथी पर आधारित पांच दिनी योग शिविर आयोजित किया जाएगा। अन्नपूर्णा आश्रम ट्रस्ट के संचालक स्वामी जयेन्द्रानंद गिरि एवं स्वामी प्रणवानंद के मार्गदर्शन में प्रतिदिन सुबह 7 से 8.30 बजे तक योग की निश्शुल्क कक्षाएं संचालित की जाएंगी।
परशुराम जन्मोत्सव पर सर्व ब्राह्मण संगठन द्वारा परशुराम मंदिर बापट चौराहे से सुबह 8.30 बजे शोभायात्रा निकाली जाएगी। यात्रा में समाजजन पारंपरिक वेशभूषा में शामिल होंगे। विभिन्न स्थानों पर मंचों के माध्यम से यात्रा का स्वागत होगा। - श्रुत संवेगी आदित्य सागर महाराज, मुनि सहज सागर महाराज एवं मुनि अप्रमित सागर महाराज की धर्मसभा एयरपोर्ट रोड स्थित अंजनी नगर के पार्श्वनाथ दिगंबर जैन पंचायती मंदिर में सुबह 8.30 बजे से होगी।
मुस्लिम समाज ईद-उल-फितर का त्योहार शनिवार को हर्षोल्लास से मनाएगा। ईद की मुख्य नमाज सदर बाजार ईदगाह पर सुबह 9.50 बजे होगी। इसमें हजारों समाजजन नमाज अदा करेंगे। रिजर्व फोर्स द्वारा शहरकाजी को राजमोहल्ला से बग्घी में बैठाकर ईदगाह लाया जाएगा। - सर्व ब्राह्मण समाज की भागीदारी में भगवान परशुराम की शोभायात्रा शाम 6 बजे बड़ा गणपति से राजवाड़ा तक निकाली जाएगी। इसमें भगवान परशुराम की अलीगढ़ी में बनी चार फीट ऊंची पीतल के रथ पर विराजित प्रतिमा आकर्षण का केंद्र होगी। इसका मार्ग में सतत पूजन किया जाएगा। एक अन्य रथ पर आठ फीट ऊंची प्रतिमा भी होगी। यात्रा के लिए करीब एक हजार महिलाओं ने स्वयं के खर्च से एक जैसी साड़ियां खरीदी हैं।
