नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने वाले को विशेष न्यायालय ने 20 वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने पीड़िता को प्रतिकर राशि के रूप में एक लाख रुपये दिलाए जाने की अनुशंसा भी की है।
7 फरवरी 2017 को पीड़िता के पिता ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह बेटमा में रहता है। उसकी बड़ी लड़की, जिसकी उम्र 16 वर्ष है, 6 फरवरी को सुबह 10 बजे स्कूल का बोलकर घर से निकली थी, लेकिन लौटी नहीं। स्कूल के प्राचार्य ने उसे बताया कि वह स्कूल नहीं पहुंची। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर नाबालिग की तलाश शुरू की। 9 जून 2017 को पुलिस को पीड़िता मिल गई।
पीड़िता के बयान के आधार पर दुष्कर्मी को किया गिरफ्तार
पीड़िता के बयान के आधार पर पुलिस ने दुष्कर्मी संतोष उर्फ शांतिलाल पुत्र थानसिंह निवासी जिला धार के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। जिला लोक अभियोजन अधिकारी संजीव श्रीवास्तव ने बताया कि विशेष न्यायालय ने प्रकरण में निर्णय पारित करते हुए दुष्कर्मी संतोष उर्फ शांतिलाल को 20 वर्ष कठोर कारावास से दण्डित किया। अभियोजन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक शिवनाथसिंह मावई ने की।
