इंदौर नगर निगम में 40 साल पहले से शासकीय बगीचे की जमीन पर हुए कब्जे को हटाकर जमीन को मुक्त कराया है, जमीन पर कब्जाधारी धर्मस्थल बनाने की तैयारी कर रहा था जिससे पहले निगम ने अतिक्रमण को ध्वस्त कर दिया।
-इंदौर के वार्ड क्रमांक 55 में स्थित उषा गंज इलाके में यूनुस खान और उसके परिवार द्वारा शासकीय बगीचे की जमीन पर पिछले 40 साल से कब्जा किया हुआ था और इस जमीन की फर्जी रजिस्ट्री भी तैयार कर ली थी।
क्षेत्रीय पार्षद पंखुड़ी डोसी ने जानकारी देते हुए बताया कि
कुछ सालों पहले जब नगर निगम जमीन पर कब्जा लेने पहुंची तो यूनुस और उसके परिवार ने कोर्ट में याचिका आधार कर दी, जहां लंबे समय तक चले प्रकरण की सुनवाई में कोर्ट ने नगर निगम के पक्ष में आदेश जारी करते हुए नगर निगम को कब्जा सौंपने के आदेश जारी किए थे। कोर्ट से आदेश प्राप्त होने के बाद नगर निगम द्वारा कब्जाधारी यूनुस और उसके परिवार को नोटिस जारी किए गए थे, इसके बावजूद भी उन्होंने अपना कब्जा नहीं हटाया। लिहाजा बुधवार को नगर निगम की रिमूवल गैंग ने बगीचा की जमीन से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की
इस दौरान निगम ने करीब एक ट्रक भर कर भंगार भी जप्त किया। इस बारे में जानकारी देते हुए इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने इस संबंध में मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि शासकीय बगीचा की जमीन पर लंबे समय से कब्जा किया हुआ था। इस मामले में नगर निगम कोर्ट से कैसे भी जीत चुका है लिहाजा कब्जा हटाने की कार्रवाई शुरू की गई है यूनुस और उसके परिवार द्वारा इस जमीन पर धर्मस्थल बनाए जाने की तैयारी थी लेकिन उससे पहले ही निगम ने अतिक्रमण को ध्वस्त कर दिया जिस तरह से इंदौर में अन्य क्षेत्र में अतिक्रमण मुक्ति की कार्रवाई चल रही है उसी प्रकार यह कार्रवाई भी की गई है
