नकली किताब बेचने की शिकायत पर कार्रवाई करने पहुंची टीम, व्यापारियों ने घेरा थाना

By Abhishek Raghuvanshi
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इंदौर खजूरी बाजार में किताबों का एक बड़ा बाजार संचालित वर्षों से किया जा रहा है। यह पुस्तक प्रेमी अपनी पसंद की किताबें खरीद कर अपने घरों तक आसानी से ले जाते हैं, लेकिन इस बात से बेपरवाह की यह किताबें उनकी आंखों और एकाग्रता क्षमता को नुकसान पहुंचा सकती है। क्योंकि यहां पर कई ऐसी किताबें हैं, जो नकली छापी जा रही है, जिसमें गलत स्याही का उपयोग किया जा रहा है। इस बात का खुलासा शुक्रवार दोपहर हुआ जब गाजियाबाद के अधिवक्ता कई पब्लिशर्स की ओर से इंदौर पुलिस कमिश्नर के पास यह शिकायत लेकर पहुंचे की इंदौर के खजूरी बाजार में कई महंगी किताबें कॉपीराइट एक्ट के तहत गलत बेची जा रही है, जिस पर तुरंत पुलिस कमिश्नर द्वारा कार्रवाई के आदेश दिए गए।

दरअसल प्रदेश में इंदौर शहर का नाम अब एजुकेशन हब के नाम से भी जाना जा रहा है। शहर में कई प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कराने वाली संस्थाएं छात्रों के उज्जवल भविष्य के लिए तैयार कर रही है और यही पर एक बाजार ऐसा भी है, जहां दुनिया की हर किताब एक ही बाजार में आसानी से उपलब्ध हो सकती है, लेकिन इन किताबों में भी कालाबाजारी की जा सकती है, इसका बात अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि शुक्रवार को दोपहर इंदौर खजूरी बाजार में किताबों की कालाबाजारी की शिकायत लेकर गाजियाबाद के अधिवक्ता संजीव कुमार राघव इंदौर पुलिस कमिश्नर के समक्ष पहुंचे, जहां उन्होंने बताया कि न्यू जैन बुक स्टोर, चेलावत बुक स्टोर, गणेश बुक डिपो और त्रिवेणी बुक डिपो सहित कई व्यापारी प्रतियोगी परीक्षा के लिए उपयोग की जाने वाली किताबों को गलत तरीके से छाप कर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे है। इसके कारण कई पब्लिशर्स कंपनियों को नुकसान झेलना पड़ रहा है, जिसकी शिकायत पर इंदौर पुलिस कमिश्नर द्वारा संबंधित अधिकारी को तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए और थाना प्रभारी की मौजूदगी में एक टीम गठित कर सर्चिंग किया गया। इस दौरान कई प्रकाशकों की किताबें यहां मिली जिसे कॉपीराइट एक्ट के तहत गलत माना जा सकता है। हालांकि इस दौरान खजूरी बाजार एसोसिएशन के पदाधिकारी और वहां मौजूद व्यापारी काफी बड़ी संख्या में थाने पर पहुंचे थे। लेकिन उन्हें भी पुलिस ने समझाइश देकर रवाना कर दिया।

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