भूमाफिया विरोधी अभियान में पुलिस ने दृष्टि देवकान के कर्ताधर्ता शैलेष माहेश्वरी पर धोखाधड़ी के केस दर्ज किए है। माहेश्वरी ने लोगों से प्लाट के रुपये ले लिए और उन्हें धमकाने लगा। कानूनी कार्रवाई न कर सके इसलिए वकील के माध्यम से सूचना पत्र भेज उलटे कार्रवाई की धौंस लेने लगा था। पुलिस आयुक्त मकरंद देऊस्कर ने मामले की जांच करवाई और गुरुवार को भंवरकुआं व राजेंद्र नगर थाना में दो केस दर्ज करवा दिए।
भंवरकुआं पुलिस के मुताबिक बिजलपुर निवासी सविता पति औंकार पाल द्वारा शैलेष पुत्र शिवनारायण माहेश्वरी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। सविता ने पुलिस को बताया कि ग्राम खरड़ाखेड़ा स्थित आरोपित की कालोनी गिरीराज वैली में प्लाट खरीदा था। आरोपित दृष्टि देवकान के नाम से कारोबार करता है। उसका पुखराज कार्पोरेट (नवलखा) पर आफिस है। प्लाट की राशि अलग-अलग किस्तों में जमा करवाई गई थी। कुछ राशि की रसीदें की व कुछ की नहीं दी। उसने दबाव बनाने के लिए वकील आरती माहेश्वरी के माध्यम से एक नोटिस भिजवाया। पत्र में महिला को आवंटित प्लाट निरस्त किया गया था। बदले में एक चेक भेजा गया था।
महिला उसके विरुद्ध कार्रवाई न कर सके इसलिए यह भी लिखा की इस सूचना पत्र की एक प्रति रेरा, एसपी भू संपदा विनायक प्राधिकरण को भी भेजी जा रही है। महिला का आरोप है कि आफिस जाने पर माहेश्वरी के स्टाफ ने धमकाया। एक अन्य केस राजेंद्र नगर पुलिस ने भी दर्ज किया है। मामले में शैलेष माहेश्वरी और अंकुर माहेश्वरी निवासी श्री कृष्णा सोलिटेर पार्क फूटीकोठी के विरुद्ध दर्ज किया है। फरियादी हेमकांत शर्मा द्वारा शिकायत दर्ज करवाई थी। उसने कैट चौराहा स्थित प्लाट का सौदा किया और उस प्लाट को निरस्त कर दिया जिसके बदले राशि ली गई थी।
