- ड्राइवर की मौत के मामले में दो महीने बाद केस दर्ज, दुर्घटना बताकर अस्पताल ले गए थे स्वजन।
इंदौर। ड्राइवर चमन जाटव की मौत के मामले में उसके भाई विनय और पिता रमेश पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। आरोपितों ने उसे बेरहमी से पीटा और दुर्घटना में घायल होना बताकर अस्पताल ले गए। दो माह बाद पीएम रिपोर्ट मिली तो डाक्टर ने बताया कि चमन के शरीर पर 22 चोटें थी।
डीएसपी (मुख्यालय) उमाकांत चौधरी के मुताबिक, शिवजीराम वाटिका सनावदिया (खुड़ैल) निवासी 28 वर्षीय चमनसिंह जाटव की 16 अक्टूबर को उपचार के दौरान मौत हुई थी। पुलिस दो माह से सामान्य दुर्घटना मानकर विवेचना कर रही थी। 18 दिसंबर को जिला अस्पताल से मिली पीएम रिपोर्ट में डाक्टर ने बताया कि चमन के शरीर पर तो 22 चोटें थी। उसकी मौत दुर्घटना नहीं, बल्कि पिटाई के कारण हुई है।
शराब पीकर पत्नी-बच्चों को पीटता था
पुलिस ने पिता व भाई के कथन लिए तो बताया कि चमन वाहन चालक था। शराब पीकर पत्नी व बच्चों के साथ मारपीट करता था। 16 अक्टूबर को भी रात में उसने मारपीट की और तोड़फोड़ कर डाली। खुड़ैल पुलिस ने उसके खिलाफ अदमचेक दर्ज कर कार्रवाई की चेतावनी भी दी। इसके बाद पुन: विवाद किया तो भाई व पिता ने पिटाई कर दी। गंभीर चोट आने के कारण तिलक नगर थाना क्षेत्र में नारायणी अस्पताल में दुर्घटनाग्रस्त बताकर भर्ती करवा दिया।पुलिस ने मौत के बाद मर्ग कायम किया और केस डायरी खुड़ैल थाना पुलिस को भेज दी।
