आरोपित खुद को तेलंगाना, केरल, पंजाब, कर्नाटक का वकील बनकर लोगों को डराता था। बाद में उनसे रुपये ठगता था।
इंदौर। डाटा एंट्री एवं वर्क फ्राम होम की आड़ में बेरोजगार युवक-युवतियों को ठगने वाला मृदुल शर्मा शातिर निकला। आरोपित कमीशन के बैंक खातों में ठगी का रुपया जमा करवाता था। पुलिस को उलझाने के लिए खाते पंजाब में खुलवाए गए थे। मृदुल स्वयं तेलंगाना, केरल, पंजाब, कर्नाटक का वकील बनकर लोगों को डराता था। केस न लगाने और रफादफा करने के नाम पर मनमाफिक रकम जमा करवाता था।
डीसीपी (अपराध) निमिष अग्रवाल के मुताबिक, कृष्णबाग (60 फीट रोड) निवासी मृदुल शर्मा सहित सौरभ गौसर, रोहन पंवार, ऋतिक भाटी, अमन मालवीय और किरण सिंह को गिरफ्तार किया है। दिव्या शर्मा सहित 10 से ज्यादा की तलाश जारी है।
पहले बेरोजगारों को नौकरी देता, फिर उन्हें ही ठगता
मृदुल शिपमेंट सोल्यूशन के नाम से फर्म संचालित करता था। गीताभवन चौराहा, नौलखा चौराहा, 60 फीट रोड, पंचवटी, सांवेर रोड सहित अन्य जगह पर काल सेंटर चलाता था। साइन डाट काम, नौकरी डाट काम से नौकरी तलाशने वाले बेरोजगार युवक-युवतियों के बायोडाटा निकाल लेता था। उसके साथी वर्क फ्राम और डाटा एंट्री आपरेटर की नौकरी का झांसा देकर काम करते थे। महीने के अंत में मृदुल वकील बनकर धमकाता था कि तुमने फर्जी काम किया है। कोर्ट में केस लगाने वाले हैं। मामला रफारफा करने के लिए फीस लगेगी। आरोपित क्यूआर कोड भेजकर ई-वालेट में रुपये जमा करवा लेता था।
नौ खातों की जानकारी मिली
डीसीपी के मुताबिक, आरोपित ने कमीशन के खातों में करीब दो करोड़ रुपये जमा करवाए हैं। नौ से ज्यादा खातों की जानकारी मिल चुकी है। कुछ खाते तो पंजाब के हैं। पुलिस ने 30 से ज्यादा फोन भी जब्ती में लिए हैं। सिम कार्ड की जांच के लिए मोबाइल कंपनियों को मेल भेजा गया है।
