इंदौर क्राइम ब्रांच ने दिल्ली के कोटला विहार नागलोई निवासी अशोक सिंह को गिरफ्तार किया है। इंदौर के दो लोगों ने आरोपित के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी।
आरोपित जस्ट डायल में काम करने वाले युवक-युवतियों के संपर्क में था। उनसे डाटा खरीदकर ठगों को बेचता था।आरोपित आरबीएल बैंक क्रेडिट कार्ड विभाग की लिंक लोगों को भेजते थे। इसके बाद झांसा देकर रुपये ठगते थे।इंदौर के दो लोगों ने क्राइम ब्रांच को की थी शिकायत। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपित को पूछताछ के लिए लिया रिमांड पर।
क्राइम ब्रांच ने साइबर अपराधियों की गैंग के सदस्य को गिरफ्तार किया है। आरोपित धोखाधड़ी के लिए गैंग के मुखिया को ग्राहकों का डेटा मुहैया करवाता था। आरोपित ने जस्ट डायल से डेटा खरीदना स्वीकारा है।
डीसीपी (अपराध) निमिष अग्रवाल के मुताबिक, पुलिस ने इस मामले में रितेश कुमार निवासी पश्चिम दिल्ली, कुणाल मिश्रा निवासी वेस्ट दिल्ली और जितेंद्र शौकीन को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के आधार पर बुधवार को आरोपित अशोक सिंह निवासी कोटला विहार नांगलोई दिल्ली को गिरफ्तार किया। अशोक सिंह ने बताया कि वह जस्ट डायल में काम करने वाले युवक-युवतियों के संपर्क में था। उनसे ग्राहकों का डेटा खरीदकर जितेंद्र उर्फ नोंटी और कुणाल को बेच देता था। एडीसीपी राजेश दंडोतिया के मुताबिक, आरोपित को रिमांड पर लिया गया है।
बैंक की हूबहू वेबसाइट बनाकर लाखों ठगे
एडीसीपी राजेश दंडोतिया के मुताबिक, आरोपितों के खिलाफ रितेश हिरवे और जितेंद्र द्वारा शिकायत दर्ज करवाई गई थी। आरोपित आरबीएल बैंक क्रेडिट कार्ड विभाग की लिंक लोगों को भेजते थे। ग्राहक लिंक पर क्लिक करता तो उसे क्रेडिट कार्ड रिवार्ड पाइंट का झांसा देते और कार्ड के ओटीपी, सीवीवी नंबर आदि लेकर खातों से रुपये निकाल लेते थे। आरोपितों द्वारा बैंकों की हूबहू वेबसाइट बना ली गई थी। गिरोह में वेब डिजाइनर भी शामिल है।
धोखाधड़ी के आरोपितों को मुंबई ले गई पुलिस
इंदौर। करोड़ों रुपये के धोखाधड़ी के दो आरोपित तरुण सचदेवा और सतपाल सिंह को मुंबई पुलिस ले गई। आरोपितों को इंदौर की कोतवाली पुलिस ने खातीपुरा स्थित बैंक आफ महाराष्ट्र से नौ लाख 50 हजार रुपये निकालते हुए पकड़ा था। टीआइ देवेंद्र कुशवाह के मुताबिक, आरोपितों ने दिल्ली के दो आरोपित आशीष और साथी का नाम कुबूला है। उनके इशारे पर ही इंदौर में चार फर्जी खाते खुलवाए थे, जिसमें लोगों से ठगे रुपये जमा होते थे।
साइबर सेल का अलर्ट: टेलिग्राम एप ठग से सावधान
साइबर सेल एसपी जितेंद्र सिंह ने गुरुवार को एडवाइजरी जारी कर टेलिग्राम एप से सावधान रहने की सलाह दी है। एसपी के मुताबिक, एप से सब्सक्राइब,आनलाइन जाब, टाक्स, लाइक के नाम पर झांसेबाजी होती है। टेलिग्राम पर प्रोडक्ट की शापिंग, साफ्टवेयर के जरिए रेटिंग बढ़ाने, रुपये जमा करवाने के नाम पर भी लोगों को ठगा जाता है। टेलिग्राम पर किसी भी अनजान नंबर, प्रोफाइल, चैनल से न जुड़ें
