दतिया विधानसभा क्षेत्र से चुनाव हारते ही दद्दा यानी डा. नरोत्तम मिश्रा खेमे के टीआइ रवींद्र पाराशर की छुट्टी कर दी गई। टीआइ पाराशर थाने में खूब मनमानी कर रहे थे लेकिन गृहमंत्री के करीबी का टैग लगने से अफसरों को अनदेखा करना पड़ता था। टीआइ ने भी अफसरों को रिपोर्टिंग तक करना बंद कर दी थी। गंभीर मामलों की जानकारी तो डीसीआर से पता चलती थी। पाराशर सेना से रिटायर होने के बाद पुलिस में भर्ती हुए हैं। तमाम दिग्गज निरीक्षकों को पछाड़ कर पहली पोस्टिंग में तेजाजीनगर थाने में पदस्थ हो गए। आयुक्त मकरंद देऊस्कर के स्पष्ट निर्देश हैं कि गंभीर मामलों की जानकारी वरिष्ठों को देना अनिवार्य है। मगर टीआइ एसीपी, एडीसीपी और डीसीपी को बताए बगैर एफआइआर करते थे। चुनाव संपन्न होते ही जोन-1 के डीसीपी आदित्य मिश्रा ने टीआइ को लाइन अटैच कर दिया। उन मामलों में जांच भी बैठा दी जिन्हें लेकर टीआइ पर उंगलियां उठ रही थी।
