- 44 दिव्यांगों को भी रेट्रोफिटिंग स्कूटी स्वीकृत की गई।लगभग डेढ़ लाख की मदद भी दी।
इंदौर ।
कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी ने जनसुनवाई में दिव्यांगों की समस्याओं को विशेष रूप से सुना और उनका हाथोहाथ निराकरण सुनिश्चित किया। उन्होंने एक और निराश्रित बालिका सिमरन के जीवन की राह आसान की। उसे आगे बढ़ने के लिये सहारे रूप में स्कूटी स्वीकृत करते हुये स्कूटी प्रदान करवायी। इसके साथ ही 43 दिव्यांगों को भी कलेक्टर ने रेट्रोफिटिंग स्कूटी स्वीकृत की। जनसुनवाई में आये अनेक जरूरतमदों को कलेक्टर ने डेढ़ लाख रूपये की मदद रेडक्रॉस से स्वीकृत की।
जनसुनवाई में मालवीय नगर, रामकृष्ण बाग कॉलोनी में किराये से रहने वाली सिमरन पहु़ंची। सिमरन ने बताया कि बचपन में ही मेरे माता-पिता नहीं रहें। उनकी मृत्यु हो गई थी। इस वजह से मैं अनाथ होकर आश्रम में पली बड़ी हूँ। मैंने 12वीं कक्षा उत्तीर्ण की। मैं अभी एमए फाइनल कर रही हूँ और साथ ही यूपीएससी की तैयारी भी कर रही हूँ। छोटी नौकरी करके आपना जीवन यापन कर रही हूँ। मुझे आने-जाने में परेशानी होती है। कलेक्टर ने इस प्रतिभावान बालिका की बात को गंभीरता से सुनकर निराकरण किया और स्कूटी देने के निर्देश दिये। जनसुनवाई चलते ही इस बालिका को सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारियों ने स्कूटी बुलवाकर हाथोहाथ स्कूटी चाबी भी इस बालिका को सौपी।
जनसुनवाई में कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी ने तत्कालिक जरूरतों की पूर्ति के लिये 18 आवेदकों को रेडक्रॉस से एक लाख 41 हजार रूपये की मदद स्वीकृत की।
