इंदौर पुलिस प्रशासन को एक बड़ी सफलता हासिल हुई है इसमें अन्नपूर्णा थाने की पुलिस ने एक ऐसे गिरोह को पकड़ा है जो पिछले कई दिनों से नकली नोट छापकर उनकी तस्करी कर रहा था। पुलिस ने इस मामले में छह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है,वहीं पांच को गिरफ्तार किया है और एक आरोपी कि तलाश जारी है।
झोन 4 के एडीसीपी अभिनव विश्वकर्मा ने बताया कि फरियादी गौरव पिता पूनम जैन 45 साल निवासी सुदामा नगर में शिकायत की थी कि कुछ लोगों द्वारा नकली नोट छाप कर मार्केट में चलाए जा रहे हैं। पुलिस नें सूचना मिलते ही इस मामले में एक टीम गठित की एवं आरोपियो की तलाश शुरू की। इसलिए मामले मे पुलिस नें गणेश पिता कन्हैयालाल 55 साल निवासी सुदामा नगर दूसरा विक्रम पिता भागचंद्र 42 साल निवासी शिव सिटी तीसरा प्रेयस पिता चंद्रशेखर निवासी पारसी मोहल्ला छावनी चौथा राजेश पिता टेकचंद बारबड़े और पांचवा प्रवीण पिता झाम सिंह 34 साल निवासी सिलिकान सिटी को पुलिस नें गिरफ्तार किया है वही छटे आरोपी कि तलाश कि जा रही है।
हालांकि पुलिस ने इस मामले में बताया है कि सभी आरोपी लगभग अभी तक 25 से 30 लाख रुपए के नकली नोट बाजार में चला चुके हैं। दारु पीने नकली नोट प्रिंट करने के लिए हाईटेक प्रिंटर से लेकर स्टांप पेपर में यूज़ होने वाले पेपर का इस्तेमाल किया है पुलिस ने बदमाशों के पास से लगभग 160000 रुपए के नकली 500 200 के नोट बरामद किए हैं। यह भी जानकारी सामने है कि पूर्व में बदमाशों ने 2000 के नोट भी छाप कर बेचे हैं लेकिन सरकार नें जब से 2000 के नोट बंद होने की घोषणा कि है तब से इन्होंने उसका प्रिंट करना बंद कर दिया था।
इसमें एक आरोपी राजेश बरबड़े के बारे में यह भी बताया जा रहा है कि वह यूपी का रहने वाला है और उसने वहां पर अपने आप को मृत घोषित कर नकली डेट सर्टिफिकेट भी बनवा रखा है और यहां पर वह अशोक चौहान के नाम से फर्जी आईडी बनवाकर और अकाउंट खुलवाकर उनमे नकली नोटों के कारोबार से कमाया हुआ रुपयों का लेनदेन करता था। पुलिस के हिसाब से राजेश बरबड़े ही इस गेंग का मुख्य मास्टरमाइंड बताया जा रहा है।
