इंदौर रेलवे स्टेशन गेट क्रमांक 1,4,5,6 पार्किंग ठेकेदार के कर्मचारियों द्वारा पिक एंड ड्रॉप और रेलवे परिसर के बाहर से पार्किंग का मनमाना शुल्क वसूला जा रहा है जिससे नाराज इंदौर ऑटो रिक्शा चालक महासंघ ने रेलवे पीआरओ को ज्ञापन सौपा, दरअसल रेलवे स्टेशन के बाहर पार्किंग ठेकेदारों के कर्मचारियों द्वारा वाहन मालिकों के साथ लगातार दुर्व्यवहार करने की शिकायत मिल रही है। जिसमें इंदौर ऑटो रिक्शा महासंघ द्वारा मय प्रमाण आज रेलवे पी आर ओ को ज्ञापन दिया है।
दरअसल इंदौर ऑटो रिक्शा चालक महासंघ अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि इंदौर रेलवे स्टेशन पर भारतीय रेलवे ने ठेकेदार के माध्यम से सशुल्क पार्किंग की व्यवस्था संचालित किया जा रहा है,रेलवे द्वारा ठेका पद्धति के अनुसार ठेकेदार द्वारा अपने साथ लगाए कर्मचारियों का चरित्र सत्यापन यूनिफॉर्म नेमप्लेट शुल्क की रसीद देना अनिवार्य होता है और यदि इन नियमों का पालन नहीं किया जाता है तो ऐसी परिस्थितियों में ठेकेदार के विरुद्ध आर्थिक जुर्माना करते हुए ठेका भी निरस्त करने की कार्रवाई की जाती है लेकिन इंदौर रेलवे परिसर के बाहर ठेकेदार और कर्मचारियों की मनमानी के चलते लगातार वाहन मालिक अवैध वसूली से परेशान हो रहे हैं। इंदौर ऑटो रिक्शा चालक महासंघ राजेश बिड़कर ने कहा कि पिछले 3 सालों से पार्किंग की मनमानी शिकायत की जा रही है ओर कई बार जीआरपी थाने पर पहुंचकर इनकी शिकायत की लेकिन इनके खिलाफ f.i.r. तक दर्ज नहीं होती इससे यह पता लगता है कि रेलवे पुलिस और ठेकेदार की मिलीभगत से अवैध वसूली चल रही है उन्होंने कहा कि फिलहाल जल्द ही व्यवस्था सुधारने का आश्वासन रेलवे पीआरओ ने इंदौर ऑटो रिक्शा चालक महासंघ को दी है। वही आने वाले दिनों में इंदौर ऑटो रिक्शा महा चालक संघ ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि रेलवे परिसर के बाहर अवैध पार्किंग मनमानी नहीं रोकी जाएगी तो शहर के हजारों ऑटो रिक्शा के पहिए रोक दिए जाएंगे। राजेश बढ़कर ने बताया कि कई बार पार्किंग ठेकेदार कर्मचारी ऑटो रिक्शा चालकों के साथ मारपीट करते हैं और उनके साथ अभद्र व्यवहार करते हैं जिसका वीडियो भी ज्ञापन के साथ रेलवे पीआरओ खेमराज मीणा को दिया है,,
