इंदौर में चोरी के मोबाइल का गोरखधंधा:मॉडल के हिसाब से 500 से 1000 रुपए तक देता था बिचौलिए को कमीशन

By Abhishek Raghuvanshi
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इंदौर क्राइम ब्रांच ने 642 मोबाइल चोरी के मामले में मुख्य सरगना को पकड़ा है। आरोपी पुलिस के डर से नेपाल भाग गया था। पुलिस को उसके ही एक साथी से उसके यहां आने की जानकारी मिली। जिसके बाद क्राइम ब्रांच ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी ने पूछताछ में बिचौलिए का नाम कबूला है। वह पांच सौ से एक हजार रुपए के कमीशन के चलते लूट और चोरी के मोबाइल को जॉनी उर्फ जितेन्द्र वासवानी के सुपुर्द कर देता था। इसके बाद जॉनी उसे पूरा चेंज कर मार्केट में बेच देता था।
क्राइम ब्रांच के एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया की टीम ने जॉनी उर्फ जितेन्द्र वासवानी को गिरफ्तार किया था। वह पांच दिन रिमांड पर है। आरोपी ने पूछताछ में टिक्कू उर्फ मोहित का नाम लिया है। जो अन्नपूर्णा इलाके में रहता है। टिक्कू शहर भर के लुटेरों और चोरों से चोरी के मोबाइल खरीद कर जॉनी के सुपुर्द करता था। जॉनी मॉडल के हिसाब से टिक्कू को कमीशन देता है। क्राइम ब्रांच ने टिक्कू को भी उठाया है। एसआई मंगलसिंह बघेल उसे पकड़कर क्राइम ब्रांच के थाने लेकर आए।
शहर के इन इलाकों के लुटेरों से खरीदता है माल
टिक्कू व्यास नगर, मूसाखेड़ी, अहीरखेडी, द्वारकापुरी, अमितेष नगर, उज्जैन, बेटमा, भोपाल और खरगोन के लुटेरे और चोरों से मोबाइल लेता है। इसके बाद जॉनी को देता है। भंवरकुआ में पकड़ाए करीब सौ से अधिक मोबाइल में भी टिक्कू का नाम सामने आया था। लेकिन पुलिस ने बाद में जांच अधूरी छोड़ दी।
टिक्कू के खिलाफ इन थानों में केस
टिक्कू को चोरी के मोबाइल के मामले में चंदन नगर, क्राइम ब्रांच, हीरानगर और फिर एक साल पहले क्राइम ब्रांच ने पकड़ा है। टिक्कू प्रदीप और नरेश वाधवानी का साथी भी है। दोनों भी पहले मोबाइल और शराब कांड को लेकर पकड़ाए जा चुके हैं। तेजाजी नगर और भंवरकुआ में इनके खिलाफ पुलिस ने कुछ समय पहले ही कार्रवाई की थी।

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