हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में समलैंगिक मामलों को लेकर दायर हुई याचिकाओं के मामले में पूरे देश में विरोध प्रदर्शन सामने आ रहे हैं।
जहां इंदौर के रीगल तिराहा स्थित इंदौर हाई कोर्ट और जिला कोर्ट बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने आज समलैंगिकता कानून का हाथों में तख्तियां लिए जमकर विरोध किया और नारेबाजी भी की, सैकड़ों की संख्या में पहुंचे अधिवक्ताओं ने इस दौरान एक स्वर में समलैंगिक कानून देश में लागू नहीं होने के लिए आवाज बुलंद की, हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष रितेश हीनानी और अधिवक्ता स्वाति उखले ने बताया कि समलैंगिक कानून को मान्यता के लिए सुप्रीम कोर्ट में पिटीशन लगाई गई है। लेकिन यह हिंदू संस्कृति के लिए हानिकारक है, हमारे देश में पति-पत्नी का विवाह होता है, समलैंगिकता यहां नहीं चलती किंतु यदि यहां समलैंगिकता चली तो इससे भारतीय संस्कृति खराब होगी। जिसके दुष्परिणाम सामने आएंगे, उन्होंने बताया कि समलैंगिकता कानून यदि देश में आ जाता है, तो इससे बहुत सारी तकलीफें आएगी कई लोगों के वंश आगे नहीं बढ़ पाएंगे, 2 लोगों के विचारों में भी मतभेद देखने को मिलेंगे, उन्होंने कहा कि हम लोग आगे भी आंदोलन करेंगे और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन प्रेषित करेंगे।
