मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में घोषित बीजेपी उम्मीदवारों का अपने ही पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा विरोध करना कार्यकर्ताओं को भारी पड़ गया है जहां देपालपुर महू और सांवेर पार्टी के 8 भाजपा कार्यकर्ताओं को भारतीय जनता पार्टी द्वारा नोटिस जारी किए हैं जिसमें तीन दिनों में कार्यकर्ताओं को इसका जवाब देना होगा वही संतोषजनक जवाब नहीं मिलने से पार्टी इन आठ कार्यकर्ताओं को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा सकती है ।
– दरअसल इंदौर के महू सांवेर और देपालपुर विधानसभा में भाजपा प्रत्याशियों का विरोध पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया था जहां इसको लेकर बीजेपी के कार्यकारी जिला अध्यक्ष घनश्याम नारोलिया ने बताया कि
महू विधानसभा में कुछ कार्यकर्ता को नोटिस जारी किया है उनके द्वारा चुनाव में पार्टी प्रत्याशी के विरुद्ध में कार्य करने की हमारे पास सूचना आई थी इसलिए हमने नोटिस जारी किए,उन्होंने कहा कि पार्टी का समय समय पर नोटिस इसलिए भी जारी करना जरूरी है क्योंकि संगठन में अगर हम सुचिता नहीं लाएंगे तो जो कार्यकर्ता को रहेगा की उसे सजा नहीं मिली तो उसके और भी कार्यकर्ता के पर निकलने की संभावना होती है।
भाजपा जिला कार्यकारी अध्यक्ष घनश्याम नारोलिया ने कहा कि अभी हमने महू देपालपुर में पूर्व में हमने दो तिन कार्यकर्ता को पार्टी से निष्कासन किया है सांवेर में कुछ कार्य करता है जिन्होंने पार्टी के खिलाफ गतिविधियों में संलिप्तता पाई गई हैं तो उन्हें भी नोटिस जारी किया है।वही देपालपुर में अभी कुछ नाम हमारे पास प्रभारियों के माध्यम से आए हैं तो से विचार चल रहा है। कार्यकारी जिला अध्यक्ष ने बताया कि आगामी लोकसभा चुनाव में इस तरह की गतिविधियां दोबारा ना हो इसको लेकर ऐसे कार्यकर्ताओं पर पार्टी ने कार्रवाई की है ताकि अन्य कार्यकर्ता भी इससे सबक ले सके फिलहाल इंदौर की तीन विधानसभा के आठ कार्यकर्ताओं को पार्टी ने नोटिस जारी कर तीन दिनों में जवाब मांगा है और यदि जवाब संतोषजनक नहीं मिलता है तो पार्टी उन्हें निष्कासित करने की कार्रवाई करेगी ।
देपालपुर के निर्दलीय उम्मीदवार राजेंद्र चौधरी के स्पोर्ट में और महू में उषा ठाकुर के विरोध में काम कर रहे थे साथ निर्दलीय प्रत्याशी अंतरसिंह दरबार के पक्ष में काम करने की जानकारी मिली थी तो वही देपालपुर में भी मनोज पटेल के विरोध में ओर निर्दलीय प्रत्याशी राजेन्द्र चौधरी के सपोर्ट में काम करने की संलिप्तता पाई गई थी ऐसे तीनो ही विधानसभा के भाजपा कार्यकर्ताओं को पार्टी ने कारण बताओ नोटिस दिया है,नोटिस के माध्यम से तीन दिन में जवाब मांगा है या तो लिखित में दे या स्वयं आकर उपस्थित होकर हमें जवाब दें। गौरतलब है कि आने वाले समय में लोकसभा चुनाव होने हैं जहां विधानसभा चुनाव के विरोध की घटना दोबारा ना हो इसको लेकर पार्टी ने कड़ा रुख अपनाते हुए अन्य कार्यकर्ताओं को सचेत कर दिया है ताकि वह पार्टी के नेताओं का विरोध ना करें।
