इंदौर नगर निगम में अटका था करोड़ों रुपये का भुगतान, परेशान ठेकेदार ने की आत्महत्या

By Abhishek Raghuvanshi
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  • अमरजीत सिंह भाटिया स्कूल, सड़क, पुल, ब्रिज, सामुदायिक भवन, संजीवनी क्लीनिक सहित निगम के सभी विभागों के कार्यों का टेंडर लेकर उन्हें समय सीमा में पूरा करते थे।
  • निगम के ठेकेदार अमरजीत सिंह उर्फ पप्पू भाटिया निवासी रेसकोर्स रोड़ इंदौर ने दी जान।
  • दीपावली के पहले उनके खाते में अन्य ठेकेदारों की तरह तय राशि जमा हुई थी, जिससे वे संतुष्ट नहीं थे।
  • पहले उनकी मौत हार्ट अटैक आने से होने की बात कही जा रही थी। जांच के बाद आत्महत्या की बात सामने आई।

इंदौर। नगर निगम से लंबे समय से भुगतान नहीं होने से परेशान ठेकेदार ने रविवार रात एसिड पीकर आत्महत्या कर ली। हालांकि, पुलिस को मृतक के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस मामले में जांच कर रही है।
तुकोगंज थाना पुलिस के मुताबिक, अमरजीत सिंह उर्फ पप्पू भाटिया निवासी रेसकोर्स रोड़ ने आत्महत्या की है। रविवार को वे अपने छोटे भाई के साथ लकड़ी की टाल पर बैठे हुए थे। यहां चुनाव संबंधित चर्चा की और उसके बाद वे कार लेकर रवाना हो गए। कुछ देर बाद छोटे भाई पम्मी को फोन लगाया और बताया कि लैंटर्न चौराहे पर हूं, तबीयत खराब लग रही है। इसके बाद भाई मौके पर पहुंचा, तब तक आसपास के लोग उन्हें निजी अस्पताल लेकर पहुंच गए थे। वहां करीब पांच घंटे तक उनका इलाज चला, इसके बाद मौत हो गई।

निगम के कोषालय और वित्त विभाग में कई बिल पेंडिंग हैं
बताया जा रहा है कि निगम के कोषालय और वित्त विभाग में उनके कई बिल पेंडिंग पड़े हैं। बिल पास होने के बाद उन्हें निगम से करोड़ों रुपये लेने थे, लेकिन उनका भुगतान नहीं हो पा रहा था। दीपावली के पहले रुटीन में उनके खाते में अन्य ठेकेदारों की तरह तय राशि जमा कराई गई थी, इस राशि से वे संतुष्ट नहीं थे। पहले उनकी मौत हार्ट अटैक आने से होने की बात कही जा रही थी, लेकिन जांच के बाद आत्महत्या किए जाने की बात सामने आई है। वे भुगतान नहीं होने के कारण कुछ दिन से परेशान भी चल रहे थे।

टेंडर लेकर समय सीमा में पूरा करते थे काम
बता दें कि भाटिया स्कूल, सड़क, पुल, ब्रिज, सामुदायिक भवन, संजीवनी क्लीनिक सहित निगम के सभी विभागों के कार्यों का टेंडर लेकर उन्हें समय सीमा में पूरा करते थे। उनकी दो बेटियां हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। घर में पत्नी और वे दोनों ही रहते थे। घर के आसपास ही उनके परिवार के लोग रहते थे। थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह यादव ने बताया कि मौत का कारण एसिड पीना है। स्वजन से बात की, जिसमें उन्होंने निगम से भुगतान नहीं होना बताया है।

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