इंदौर के जाल सभागृह में एनीमिया मुक्त भारत आभियान की समीक्षा बैठक संपन्न हुई

By Abhishek Raghuvanshi
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-इंदौर के जाल सभागृह में एनीमिया मुक्त भारत आभियान की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में इंदौर संभाग के सभी स्वास्थ्य अधिकारी हुए शामिल। संभागीय क्षेत्रीय संचालक ने एनीमिया की वार्षिक रिपोर्ट पर सभी जिलों की ली समीक्षा बैठक। देश में लागातार बच्चो में एनीमिया के बढ़ते मामले सामने आने के बाद केंद्र सरकार के द्वारा एनीमिया मुक्त भारत अभियान चलाया जा रहा है..इस अभियान में सभी राज्य युद्ध स्तर पर एनीमिया की बीमारी को जड़ से खत्म करने में जुटे हुए हैं। 1 साल बाद एनीमिया की ताजा हालात को लेकर वार्षिक समीक्षा बैठक का आयोजन इंदौर में हुआ। इंदौर संभाग के धार बुरहानपुर,अलीराजपुर खरगोन,खंडवा,झाबुआ, बड़वानी इन जिलों के स्वास्थ अधिकारी बैठक में हुए शामिल। समीक्षा बैठक में सबसे ज्यादा एनीमिया के केस धार से सामने आया। धार जिले में एनीमिया के बढ़ते मामले को देखते हुए क्षेत्रीय संचालक ने जताई नाराजगी कहा आंगनबाड़ी स्कूलों से लेकर गांव-गांव तक युद्ध स्तर पर आयरन टेबलेट वितरण के साथ जागरूकता अभियान भी चलाएं। 6 महीने के अंदर सभी स्कूलों को एनीमिया मुक्त बनाना है। क्षेत्रीय संचालक ने सभी स्वास्थ्य अधिकारी, आशा कार्यकर्ताओं और जिला शिक्षा अधिकारियों को एनीमिया की रोकथाम के दिए सुझाव। आखिर एनीमिया रोग क्या है, इसके लिए चलाए जागरूकता अभियान.इसे कैसे रोका जा सकता है और किन स्तर पर करनी होगी तैयारी इन विषयों पर समीक्षा बैठक में करीब 6 घंटे तक हुई चर्चा ।

समीक्षा बैठक के दौरान क्षेत्रीय संचालक डॉ अशोक डागरिया ने दी जानकारी..एनीमिया को लेकर चलाए जा रहे अभियान में इंदौर रहा सबसे अव्वल। एनीमिया को लेकर कई प्रकार की भ्रांतियां फैली हुई है,इसके लिए जन जागरूकता अभियान चलाया जाना बेहद जरूरी है। एनीमिया यानी खून की कमी। स्कूल को एनीमिया मुक्त बनाने की इंदौर संभाग ने योजना बनाई है। जिससे आने वाले 6 महीने में इंदौर संभाग के सभी स्कूल एनीमिया मुक्त हो जाएंगे। हमारे फील्ड वर्कर एएनएम, आशा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता स्कूलों में जाकर बच्चों को आयरन की टेबलेट दे रहे हैं। बैठक में एनीमिया को लेकर क्या माइक्रो प्लानिंग करना है दवाइयों की सप्लाई कैसे करनी है डिमांड पर कैसे वर्क करना है, दवाइयों कैसे बांटना है इसके लिए दिशा निर्देश भी दिए गए। बैठक में आठों जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सिविल सर्जन, डीएचओ, डीआईओ,समस्त जेडएमओ, बीएमओ, अर्बन नोडल, डीपीएम, सुपरवाइजर्स स्टाफ, आशा कार्यकर्ता, महिला एवं बाल विकास अधिकारी के साथ समस्त सीडीपीओ एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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