इंदौर की सेंट्रल जेल में बंद महिला के दोनों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से एक नई पहल जेल परिसर में ही शुरू की गई है, जिसके तहत रक्षाबंधन पर के मद्देनजर 40 महिलाओं को प्रशिक्षण देकर उनसे निर्माण का कार्य करवाया जा रहा है, जिन्हें जेल में बनी अन्य वस्तुओं की तरह ही बेचा जाएगा।
– सेंट्रल जेल अधीक्षक डॉ. अलका सोनकर ने अधिक जानकारी देते हुए बताया, यहां क़रीब 40 महिला क़ैदी राखी बना रही हैं और उन्हें इसके लिए प्रशिक्षित भी किया जा रहा है। यह जेल से छूटने के बाद महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का एक प्रयास है। सोनकर ने कहा, इससे पहले भी महिलाओं को समय-समय पर मिठाइयां और अन्य उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि वे जेल से छूटने के बाद दोबारा अपराध करने के बजाय एक अच्छे नागरिक की तरह अपना जीवन जी सकें।
जेल अधीक्षक ने कहा कि जेल में बने उत्पादों को जेल के बाहर दुकान लगाकर बेचा जाता है और ये राखियां भी वहां बेची जायेंगी।
