इंदौर । अपनी मांगों को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रही आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं ने सोमवार को कलेक्टर चौराहे पर मानव श्रृंखला बनाकर चक्काजाम कर दिया । उन्होंने इस दौरान काली पट्टी बांध रखी थी । जाम के कारण रास्ते में वाहनों की लंबी कतारें लग गई और लोग परेशान होते रहे । पुलिस को चक्काजाम खत्म करवाने के लिए बड़ी मशक्कत करना पड़ी ।
प्रदेशभर में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता 15 मार्च से काम बंद कर आंदोलन की राह पर हैं । कार्यकर्ताओं वेतन बढ़ौतरी और अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रही हैं ।सोमवार को आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने अपनी मांगों को लेकर कलेक्टर चौराहे पर मानव श्रृंखला बनाई । इससे चौराहे पर वाहनों की लंबी कतारे लग गई । करीब एक घंटे तक ट्रैफिक बाधित रहा और लोग परेशान होते रहे ।
पुलिसकर्मियों ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को मार्ग से हटाया तक जाकर वाहनों की आवाजाही शुरू हो सकी । जाम में एम्बुलेंस भी फंस गई, जिसको समझाइश के बाद रास्ता दिया गया ।
उल्लेखनीय है आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं ने महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी और सुपरवाइजर के साथ 15 मार्च से काम बंद कर आंदोलन शुरू किया था । विगत दिनों शासन के आश्वासन पर परियोजना अधिकारी और सुपरवाईजर ने अपना आंदोलन वापस ले लिया । जबकि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ का आंदोलन जारी है ।
कलेक्टर ने लगाई फटकार
प्रदर्शनकारी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं का एक दल कलेक्टर इलैया राजा टी से भी मिला । कलेक्टर राजा ने चक्काजाम करने को लेकर फटकार लगाई और कहा कि आप अपनी मांगों को रख सकते हैं ।शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन भी कर सकते है, लेकिन सड़क जाम करने का अधिकार नहीं है । ऐसे में आप पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी । प्रतिनिधि मंडल की रीना सेठिया ने कि कहा कि 20 दिन से आंदोलन कर रहे हैं , लेकिन आज तक हमको मिलने नहीं बुलाया गया। मजबूरी में मानव श्रंखला बनाना पड़ी । प्रतिनिधि मंडल में रीना सेठिया, अनुपमा इंग्ले, रीता रघुवंशी, संध्या यादव, सुनीता दुबे, जयश्री मेश्राम शामिल थीं ।
