भारतीय न्याय संहिता के कानून को लेकर ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े लोगों ने कानून में बदलाव की मांगती है इसको लेकर ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के पदाधिकारी ने प्रेस वार्ता कर इस कानून का विरोध किया है।
इंदौर के एक निजी होटल में प्रेस वार्ता कर ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के पदाधिकारी ने मीडिया को बताया कि हाल ही में लोकसभा में पारित हुए न्याय संहिता कानून की विसंगतियों को जाहिर करते हुए बताया कि इस कानून से ट्रक ड्राइवर मोटर ड्राइवर द्वारा गलती से कोई एक्सीडेंट में जनहानि होती है, तो उसका कानून में यह प्रावधान है कि ड्राइवर को 7 लाख का जुर्माना और 10 वर्ष की कठोर सजा का प्रावधान है। कानून से ट्रक ड्राइवर हो मोटर ड्राइवर को काफी नुकसान होगा जिससे उसके परिवार और ट्रांसपोर्ट से जुड़े व्यवसाय प्रभावित होगा। ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के अध्यक्ष अमृतलाल मदान, चेयरमैन डॉ जीआर संमुगप्पा, पूर्व अध्यक्ष बल मलकीत सिंह, विजय कालरा, राकेश तिवारी, CL मुकाती, छतर सिंह भाटी आदि पदाधिकारियों ने कहां की यदि उनकी मांग नहीं मानी गई तो वह भविष्य में आंदोलन करें
