बेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर बावड़ी हादसे को लेकर हाई कोर्ट में प्रस्तुत चौथी जनहित याचिका में मंगलवार को सुनवाई हुई। कोर्ट ने याचिकाकर्ता के तर्क सुनने के बाद कलेक्टर डा. इलैया राजा टी और निगमायुक्त हर्षिका सिंह को नोटिस जारी कर पूछा है कि इतने बड़े हादसे के जिम्मेदारों पर अब तक कठोर कार्रवाई क्यों नहीं की गई? जो अधिकारी हादसे के लिए जिम्मेदार हैं उनके खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज क्यों नहीं करवाया गया? कलेक्टर और निगमायुक्त को चार सप्ताह में जवाब देना है। अगली सुनवाई जून के दूसरे सप्ताह में होगी।
मालूम हो कि स्नेह नगर (पटेल नगर) में स्थित बेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर में 30 मार्च को बावड़ी की स्लैब टूटने से 36 लोगों की मौत हुई थी। इस मामले में चार जनहित याचिकाएं हाई कोर्ट में प्रस्तुत हुई हैं।
मंगलवार को जिस जनहित याचिका में सुनवाई हुई उसे पूर्व पार्षद दिलीप कौशल ने वरिष्ठ अधिवक्ता डा. मनोहरलाल दलाल और लोकेंद्र जोशी के माध्यम से दायर किया है।
इसमें कहा है कि नगर निगम के अधिकारी अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय सिर्फ नोटिस देते रहे। समय रहते कार्रवाई कर दी जाती तो हादसा नहीं होता। याचिका में कहा है कि जिम्मेदारों ने अपने कर्तव्य का पालन नहीं किया है, इसलिए निगम के जिम्मेदारों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने के आदेश दिए जाएं। जोशी ने बताया कि कोर्ट ने तर्क सुनने के बाद नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
जांच अधिकारी बदलने की भी मांग
हादसे की जांच अपर कलेक्टर अभय बेडेकर को सौंपी गई है। जोशी ने बताया कि याचिका में इसका भी विरोध किया गया है। हमने तर्क रखा है कि चूंकि यह मामला नगर निगम के खिलाफ है और प्रशासनिक अधिकारियों के यहां नगर निगम के कर्मी पदस्थ रहते हैं। ऐसी स्थिति में जांच प्रभावित हो सकती है। याचिका में मांग की गई है कि हादसे की जांच हाई कोर्ट खुद अपनी निगरानी में कराए।
