इंदौर की रहने वाली पीएचडी होल्डर एक महिला अपने हाईकोर्ट एडवोकेट पति से प्रताड़ित होकर 30 सालों तक उसके साथ रहकर उसके जुल्म सहती रही। दो बच्चियां होने के बावजूद भी पति अन्य महिला के साथ संबंध रख रहा था। 30 सालों तक महिला इस प्रताड़ना को सहते हुए अब पुलिस जनसुनवाई में अपने पति के खिलाफ आवेदन देने पहुंची। पीड़िता ने बताया कि पति ने मैसेज द्वारा पत्नी और बच्चों को जान से मारने की धमकी दी है। पुलिस द्वारा पीड़ित महिला को जल्द इंसाफ दिलाने की बात कही जा रही है।
जनसुनवाई में इंसाफ की गुहार लगाने पहुंचीं वंदना शुक्ला ने मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि 30 सालों से वह अपने पति संदीप शुक्ला जो कि हाईकोर्ट एडवोकेट भी हैं, उनके साथ हिंदू रीति रिवाज से दोनों का विवाह हुआ था। 30 सालों तक वंदना अपने दो बच्चों के साथ इंदौर में है। संदीप के साथ रह रही थीं, लेकिन कुछ समय पहले संदीप का संबंध किसी अन्य महिला से हुआ। जिसके बाद दोनों पति-पत्नी के बीच विवाद होने लगा। विवाद इतना बढ़ गया कि संदीप कई बार वंदना को मैसेज कर जान से मारने की धमकी देने लगा।
परेशान होकर वंदना ने 2 साल पहले ही संदीप शुक्ला के साथ रहना छोड़ दिया और उससे अलग रहने लगी। लेकिन वंदना की दो बेटीया है जिसमे से एक बेटी बेंगलुरु में आईटी इंजीनियर और दूसरी बेटी इंदौर में रहकर अपनी नौकरी कर रही थी। संदीप द्वारा भरण पोषण के लिए रुपए मांगे जाने के बाद वंदना और उसके बेटियों को जान से मारने की धमकी भी दी गई। वंदना ने अपनी बेटियों के कहने के बाद अपने आत्म सम्मान के लिए अब हाईकोर्ट एडवोकेट संदीप शुक्ला के खिलाफ आवेदन दिया है।
वंदना ने मीडिया से चर्चा करते हुए यह भी बताया कि जब भी संदीप से परिवार के भरण पोषण और अन्य मामलों के लिए रुपए मांगे जाते थे, वह उत्तेजित हो जाता था और कई बार मारपीट कर अभद्रता भी करता था। जिसके बाद बेटियों ने ही वंदना को यह कहा कि मां अपने आत्म सम्मान के लिए कब तक नहीं लड़ेंगे। जिसके बाद वंदना ने एक एडवोकेट के खिलाफ पुलिस जनसुनवाई में आवेदन देकर पुलिस से इंसाफ की गुहार लगाई है। पत्नी को भेजता था एक रुपए और कहता था तुम्हारी इतनी औकात है पीड़िता वंदना ने बताया कि शादी के बाद जब भी परिवार के भरण-पोषण के लिए संदीप शुक्ला से रुपए मांगे जाते थे, वह डिजिटल ट्रांजैक्शन के माध्यम से वंदना के खाते में एक रुपए भेजकर उसे लिखता था कि तुम्हारी इतनी ही औकात है और यही तुम्हारे लिए काफी है। वंदना इस पूरे मामले को लेकर संदीप की इन हरकतों को इग्नोर करती रही, लेकिन संदीप अपनी हरकतों से बाज नहीं आया।
