ब्याज के लालच में कारोबारियों ने दिए रुपये, छत्रीपुरा थाना पुलिस ने रिपोर्ट में किया 70 लाख रुपये का उल्लेख।
इंदौर में करोड़ों रुपयों की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। छत्रीपुरा थाना पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ नामजद एफआइआर दर्ज की है। रिपोर्ट में 70 लाख रुपये की धोखाधड़ी का उल्लेख है, जबकि ठगी करीब 20 करोड़ रुपयों की है। आरोपितों ने शातिराना ढंग से ठगी को अंजाम दिया है। सोने की परत चढ़े आभूषण गिरवी रख कर रुपये बटोरे थे।
एसआइ नीलमणि ठाकुर के मुताबिक, माणिकबाग कालोनी निवासी गौरव पुत्र प्रकाश पंड्या की रिपोर्ट पर आरोपित जितेंद्र कुमार जैन, अशोक कासलीवाल उर्फ छुट्टन निवासी लोहारदा कांटाफोड़ देवास और एक अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया है। गौरव ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2019 में जितेंद्र के समधी के भाई अशोक से संपर्क हुआ था। जितेंद्र उनका परिचित है और उसका गौरव की होटल पर आना-जाना लगा रहता था। आरोपित मनी लैंडिंग का काम करते हैं।
ब्याज के लालच में दिए रुपये
आरोपितों ने गौरव और उनके पिता प्रकाश पंड्या को स्कीम बताई कि वे रुपये बाजार में निवेश करवाकर ब्याज दिलवा सकते हैं। आरोपितों ने यह भी कहा कि बदले में सोने के आभूषण गिरवी रखे जाएंगे। आरोपित ने शुरुआत 2019 में आठ लाख रुपये से की। बाकायदा लिखा-पढ़ी की और आठ लाख रुपये कीमती आभूषण (नकली) गिरवी रखकर रुपये ले लिए। शुरुआत में ब्याज समय पर देता गया और लोग विश्वास करते गए। पंड्या से जुड़े करीब 40 अन्य लोग भी ब्याज के लालच में आकर आरोपितों को लाखों रुपये देने लगा।
ग्रामीण इलाके के जेवर है खोलना मत
पंड्या के मुताबिक, वह सोने की परत चढ़ी आर्टिफिशियल ज्वेलरी लेकर आता था। बोलता था कि ज्वेलरी ग्रामीणों की है। पुस्तैनी ज्वेलरी है, इसलिए डिब्बे में ही पैक रखना। लोग वजन करवाने के बाद डिब्बा रख लेते थे। आरोपित रुपये लेकर चला जाता था। इस तरह करीब 40 लोगों से 20 करोड़ रुपये बटोर लिए। 2022 में रुपये न देने पर एक पीड़ित ने आभूषणों की परख करवाई तो पता चला कि सब नकली हैं। पड़ताल करने पर पता चला कि आरोपित फरार हो गए हैं। लोगों से ठगी राशि से तो मकान और जमीन खरीद ली है। आयुक्त हरिनारायणाचारी मिश्र को शिकायत की और गुरुवार को केस दर्ज करवाया गया।
