- मिलने वालों के आइडी कार्ड जांचें, इंटेलिजेंस ने गढ़ाई नजरें, सीरियल ब्लास्ट में गई थी 56 लोगों की जान।
दौलतगंज के जिस घर में सीरियल ब्लास्ट का आरोपित मोहम्मद शफीक ठहरा है, उसके बाहर सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात किया है। आतंकी को देखने क्षेत्र के लोग भी घर के बाहर इकट्ठा हो गए।
गुजरात पुलिस सीरियल ब्लास्ट के एक आरोपित मोहम्मद शफीक को पैरोल पर इंदौर लाई। शफीक को अहमदाबाद कोर्ट से उम्रकैद की सजा हो चुकी है। शफीक ने पत्नी रिजवाना की मौत होने पर कोर्ट से पैरोल मांगा था। आतंकी के इंदौर आने परस्थानीय इंटेलिजेंस भी अलर्ट है।
पुलिस की इस गाड़ी से आतंकी मोहम्मद शफीक को इंदौर लाया गया है।
पुलिस आयुक्त मकरंद देऊस्कर के मुताबिक, मोहम्मद शफीक पुत्र अब्दुल बारी अंसारी मूलत: उज्जैन का रहने वाला है। शफीक सिमी आतंकी सफदर नागौरी और आमिल परवेज का साथी रहा है। 15 वर्ष पूर्व शफीक को गुजरात एटीएस ने सीरियल ब्लास्ट के आरोप में गिरफ्तार किया था, जिसमें 56 लोगों की जान गई थी। पांच दिन पूर्व शफीक की पत्नी रिजवाना की मौत हो गई। वह इंदौर के दौलतगंज में माता-पिता के पास रहती थी।
कमांडों के साथ इंदौर के पुलिस अफसर भी तैनात
एसआइ राजलल्लन मिश्रा के मुताबिक, शफीफ ने रिजवाना की मौत पर शोक व्यक्त करने के लिए पैरोल मांगा था। हाई कोर्ट ने उसका पांच दिन का पैरोल स्वीकृत किया था। अहमदाबाद पुलिस शनिवार रात शफीक को कड़ी सुरक्षा में इंदौर लेकर पहुंची। बम धमाकों का आरोपित होने के कारण सशस्त्र कमांडो तैनात किए गए हैं। एसीटी और निरीक्षक स्तर के 17 पुलिसकर्मी गुजरात से आए हैं। पुलिस आयुक्त ने 30 पुलिसकर्मियों को इंदौर पुलिस लाइन से लगाया है।
कड़ी सुरक्षा में ले गए कब्रिस्तान
एसआइ के मुताबिक, शफीक को कड़ी सुरक्षा के बीच रविवार दोपहर लुनियापुरा कब्रिस्तान ले जाया गया। इसके बाद ससुर मो. शकील के घर दौलतगंज में रोका। घर ले जाने के पहले पुलिस ने परिवार के प्रत्येक सदस्य और रिश्तेदारों का ब्योरा लिया। शफीक को जिस कमरे में रखा, वहां भी चार कमांडो रहते हैं। चार सशस्त्र कमांडो बाहर पहरा देते हैं।
