मां से विवाद करने के बाद घर से निकली युवती से सामूहिक ज्यादती करने वाले आरोपियों को कोर्ट ने 20-20 साल की सजा सुनाई है। वहीं कोर्ट ने पीड़िता को दो लाख रुपए की मदद भी दिलाई है। विशेष न्यायाधीश रश्मि वाल्टर की कोर्ट के समक्ष तिलकनगर पुलिस ने केस दर्ज होने के बाद जांच की और चालान पेश किया था।
आरोपी अक्षय उर्फ अक्षत, राजू पाटिल, धमेंद्र ठाकुर, सचिन िपओतकर, संजय उर्फ संजू को कोर्ट ने दोषी मानते हुए यह सजा सुनाई है। युवती का किसी बात पर मां से विवाद हो गया था। वह घर से निकल गई थी। दोपहर में आरोपी अक्षय उसे मिला जो कि युवती को पहले से जानता था। उसने युवती से कहा कि मयूर नगर स्थित मौसी के घर से कपड़े लेकर आना है। इस पर युवती उसके साथ चली गई। अक्षय युवती को मयूर नहीं ले गया। बल्कि बंगाली चौराहा के समीप आशा नगर में ले गया। वह दूसरे आरोपी राजू का घर था। दोनों ने पहले ज्यादती की। फिर अन्य आरोपी भी आए और ज्यादती की। इसके बाद आरोपियों ने जान से मारने की धमकी देकर छोड़ दिया। युवती ने घर जाकर मां को पूरी घटना बताई तो आरोपियों के खिलाफ नामजद केस दर्ज किया गया।
धोखे से लेकर गया था साथी
युवती को उसकी जान-पहचान वाला साथी कपड़े लेने के बहाने लेकर गया। बाद में वह अपने दोस्त के घर ले गया और कुछ अन्य साथियों के साथ मिलकर सामूहिक ज्यादती की।
