इंदौर। शहर में वाहन चोरी की वारदातों में लगातार इजाफा हो रहा है। शहर के 32 थाने हैं। इनमें से लगभग आधेे थानों में गाड़ी चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज हुई। एमजी रोड थाने में तो एक ही रात में 4 गाडिय़ां चोरी हुईं। माना जा रहा है कि शहर में कल रात 22 गाडिय़ां चोरी हुईं।
शहर में वाहन चोरी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है। इसमें लगातार इजाफा हो रहा है। पहले शहर में रोजाना लगभग 10 गाडिय़ां चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज होती थीं, लेकिन अब यह आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। कुछ समय से शहर में 15 के लगभग गाडिय़ां चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज हो रही थीं, लेकिन कल तो शहर में एक ही दिन में 22 गाडिय़ां चोरी हुईं। शहर में आधे थानों में चोर सक्रिय रहे । वाहन चोरों ने लगभग शहर के हर क्षेत्र में दस्तक दी। जहां से गाडिय़ां चोरी हुईं वे थाने अन्नपूर्णा, पंढरीनाथ, भंवरकुआं, रावजी बाजार, जूनी इंदौर, छोटी ग्वालटोली, संयोगितागंज, एमजी रोड, कनाडिय़ा, लसूडिय़ा, विजयनगर, गांधीनगर, राजेंद्रनगर, राऊ और तेजाजीनगर हैं।
जूनी इंदौर से 2 गाडिय़ां चोरी हुईं, जबकि एमजी रोड, जो शहर के बीच है, वहां से 4 गाडिय़ां चोरी हुईं। विधानसभा चुनाव की तैयारी हो चुकी है। पुलिस गुंडे-बदमाशों पर नकेल कसने के लिए सूची बना रही है, वहीं लगातार चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसके बावजूद शहर में वाहन चोरी की वारदातें रुकने का नाम नहीं ले रही हैं, बल्कि और बढ़ ही रही हैं।
कई सालों से एक ही तर्क
पिछले कुछ सालों से पुलिस का वाहन चोरी को लेकर एक ही तर्क है कि वाहन चोरी के पीछे देवास का कंजर गिरोह और धार-टांडा का गिरोह है, लेकिन इनको रोकने के लिए अब तक कुछ प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी है। यह भी पता नहीं चल सका है कि साल में तीन हजार से अधिक चोरी हुई गाडिय़ां कहां जा रही हैं।
