- वाहन चलाते समय वाहन के दस्तावेज साथ रखे जाना चाहिए।
शराब पीकर वाहन चलाने वालों को अब तक पुलिस केवल जुर्माना वसूलकर छोड़ देती थी। शराब पीकर वाहन चलाने वालों की धड़पकड़ के दौरान पुलिस इस तरफ ध्यान देती ही नहीं थी कि वाहन के दस्तावेज हैं कि नहीं और चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस है या नहीं। इंदौर जिला न्यायालय में एक मामला सामने आया है जिसमें पुलिस ने शराब पीकर वाहन चलाने वाले की जांच की।
दस्तावेज जांचे तो पता चला कि एक उसके पास न वाहन के कागजात है न ड्राइविंग लाइसेंस। सिर्फ जुर्माना लगाकर छोड़ने के बजाय पुलिस ने जिला न्यायालय में मामला प्रस्तुत किया। कोर्ट ने आरोपित को दो माह कारावास की सजा सुनाई है।
घटना 21 नवंबर 2019 की है। राजमोहल्ला क्षेत्र में यातायात पुलिस ने दोपहिया वाहन एमपी45 एम सी 2699 पर जा रहे सवार को चेकिंग के दौरान रोका। वह शराब के नशे में वाहन चला रहा था। वाहन के दस्तावेज मांगे तो उसके पास न तो गाड़ी का बीमा था, ना ही लाइसेंस। पुलिस ने इस पर वाहन जप्त कर यातायात थाने पर आरोपित हमीद शेख निवासी चंदन नगर के विरुद्ध मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185, 3/ 181 और 146/196 में कायमी कर मामला कोर्ट ने पेश किया गया। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी ने उक्त तीनों धाराओं में दो माह कारावास की सजा सुनाई।
दस्तावेज साथ में रखें, ड्राइविंग लाइसेंस भी दिखाएं
विशेषज्ञों के मुताबिक वाहन चलाते समय वाहन के दस्तावेज साथ रखे जाना चाहिए। उक्त मामले में तीन बातें थीं। पहली तो यह कि चालक शराब पीकर वाहन चला रहा था। यह कानून का उल्लंघन है। दूसरी बात यह थी कि उसके पास वाहन के कोई दस्तावेज नहीं थे। तीसरी सबसे महत्वपूर्ण बात यह कि चालक के पास वैध लायसेंस नहीं था। कानूनन उसे सड़क पर वाहन चलाने की अनुमति ही नहीं है।
