विधानसभा चुनावों को लेकर अंतर्राष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन की बैठक में दिया यह नारा,जाके प्रिय न राम वैदेही ताको वोट कदापि न देही

By Abhishek Raghuvanshi
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अंतराष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन के प्रदेश महामंत्री रोहित खंडेलवाल ने बताया की वैश्य समाज का संपूर्ण विश्व में सर्वोच्च संगठन है। इसकी स्थापना ब्रह्मलीन श्री रामदासजी अग्रवाल व ब्रह्मलीन श्री रमेशचंद्रजी अग्रवाल द्वारा की गई थी। इस वैश्विक संगठन के अंतर्गत वैश्य समाज के 400 घटकों का समावेश है। आज मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर संगठन की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई | बैठक का उद्देश्य वर्तमान चुनावी परिदृश्य में वैश्य समाज की भूमिका पर विचार करना था | बैठक में निम्नलिखित बातों पर आम सहमति बनी

• वैश्य समाज का बोट उसी पार्टी व प्रत्याशी को जाना चाहिए जो सनातन परंपरा को बनाए रखने के लिए कार्यरत है एवं प्रतिबद्ध है।

• जिस पार्टी ने भारत के गौरवशाली इतिहास को पुन स्थापित किया है तथा हिंदुत्व के प्राचीनतम स्थलों को पुनर्जीवित करने का कार्य किया है वैश्य समाज इस पार्टी का समर्थन करेगा।

• विकास व व्यापार वैश्य समाज की नीव है जिस पार्टी ने देश की अर्थव्यवस्था को वैश्विक पटल पर उच्च स्थान दिलाया है। वैश्य समाज उस पार्टी का समर्थन करेगा।

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बैठक में अग्रवाल माहेश्वरी खंडेलवाल ओसवाल, विजयवर्गीय, महावर, माथुर, वैश्य रस्तोगी, गुजराती मेलटबाल, जायसवाल, केसरवानी, पोरवाल आदि समाजों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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