वाट्सएप पर पीडी अग्रवाल कंपनी के डायरेक्टर की फोटो लगाकर की 20 लाख रुपये की धोखाधड़ी

By Abhishek Raghuvanshi
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जिन खातों में रुपये पहुंचे वो पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड और बिहार के निकले। साइबर सेल खातों और नंबरों के जरिए जांच कर रही है। कंपनी की अकाउंटेंट ने दर्ज करवाया केस।
इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी पीडी अग्रवाल के साथ 20 लाख रुपये की धोखाधड़ी हो गई।साइबर अपराधियों ने कंपनी के निदेशक की डिस्प्ले पिक्चर (डीपी) लगाकर अलग-अलग खातों में रुपये ट्रांसफर करवा लिए। जिन खातों में रुपये पहुंचे वो पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड और बिहार के निकले। साइबर सेल खातों और नंबरों के जरिए जांच कर रही है।
तुकोगंज टीआइ जितेंद्र यादव के मुताबिक, कंपनी की अकाउंटेंट दीपा सेठिया की शिकायत पर केस दर्ज किया है।दीपा के मुताबिक, घटना 17 जून की है। दोपहर करीब 3:32 बजे अज्ञात नंबर से वाट्सएप पर मैसेज आया था।जिस नंबर से मैसेज आया उसमें कंपनी के निदेशक महेंद्र अग्रवाल की डीपी लगी हुई थी। उसने एक बैंक खाता नंबर भेजा और कहा कि उसमें 19 लाख 90 हजार 717 रुपये ट्रांसफर कर दें। रुपये भेजने के बाद दीपा ने महेंद्र से चर्चा की तो बताया कि उन्होंने कोई मैसेज ही नहीं भेजा।
पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड और बिहार ट्रांसफर हुए रुपये
जिस खाते में रुपये ट्रांसफर हुए वह नरुपा रजनी जगदाला निवासी हिलूंगा मेनडेमाल सूबर्नपूर ओड़िशा के नाम का है। इस खाते से एटीएम द्वारा दो लाख कैश निकाले गए थे, जबकि 17 लाख 90 हजार रुपये आइसीआइसीआइ बैंक में ट्रांसफर हुए। यह खाता आफरीन परवीन मुख्तार शाह निवासी कटिन पारा परुलिया पश्चिम बंगाल के नाम का निकला। कुछ समय बाद इस खाते से भी चार लाख 50 हजार रुपये एटीएम द्वारा निकाल लिए।
राशि इधर से उधर कर दी ट्रांसफर
वहीं 10 लाख रुपये एचडीएफसी बैंक ब्रजेश कुमार यादव निवासी भगवाहमटोला बेलसारा चुकाईकोट गोपालगंज बिहार और सुनीता देवी मदनसिंह निवासी चौकीपाड़ा झरसीगुड़ा ओड़िशा के खाते में भेजे गए थे। इससे एटीएम से रुपये निकाले जो अभिषेक यादव निवासी चांदपुर सिवान बिहार के नाम ट्रांसफर कर दिए गए। कुछ राशि एटीएम से निकाली जिसका खाता सुमित निशाद निवासी रुद्रपुरा उत्तराखंड और दीपक किशोर चौधरी निवासी बगही रतनपुरा बिठाह चंपारण पश्चिम बंगाल के नाम से था।


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