लाडली बहनों के बीच मनाया सांसद प्रतिनिधि नरेन्द्रसिंह पंवार ने अपना जन्मदिन

By Abhishek Raghuvanshi
3 Min Read

सांसद शंकर लालवानी के प्रतिनिधि नरेन्द्रसिंह पंवार ने उन लोगों को एक सीख दी है जो अपने जन्मदिन पर बड़ी पार्टी देकर पब में जाकर पैसों की बर्बादी करते हैं। नरेन्द्रसिंह पंवार ने अपना जन्मदिन अनूठे अंदाज में मनाया। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान की तरह नरेन्द्रसिंह पंवार ने लाडली बहनों की चिंता की। बस्ती में जाकर महिलाओं को दो हजार साड़ी बांटी। बच्चों को शिक्षण सामग्री और जरूरतमंद का सामान देते हुए केक काटकर अपना जन्मदिन मनाया।

भाजपा को सांवेर विधानसभा से नरेन्द्रसिंह पंवार ने मजबूत किया है। पंवार किसानों के भी नेता हैं और सभी के दुख के साथी है। इनकी वजह से सांवेर में भारतीय जनता पार्टी मजबूत है। सांसद शंकर लालवानी के प्रतिनिधि नरेन्द्रसिंह पंवार सरपंच रह चुके हैं और इन्होंने अपनी पंचायत क्षेत्र में इतने काम करवाए कि गांव को शहर की पॉश कालोनी जैसा बना दिया। सांसद शंकर लालवानी के माध्यम से भी विकास की गंगा पूरे क्षेत्र में नरेन्द्रसिंह पंवार बहा रहे हैं। कल नरेन्द्र सिंह पंवार का जन्मदिन था। ऐसे में बड़ी होटलों में पब में जाकर जन्मदिन मनाने की बजाय नरेन्द्रसिंह पंवार ने सभी को एक सीख दी। पंवार ने अपना जन्मदिन जरूरतमंद गरीब बच्चों और महिलाओं के बीच मनाया। बस्ती में जाकर गरीबों के बच्चों को कॉपी, पेन, बैग शिक्षण सामग्री बांटी। खाने-पीने का सामान बच्चों को दिया और उन्हीं के बीच अपना जन्मदिन मनाया। नरेन्द्र पंवार बोले कि बच्चों के चेहरे पर जो मुस्कान आई और ये काम करके दिल को जो सुकुन मिला, उसकी कीमत कोई नहीं लगा सकता। नरेन्द्र सिंह पंवार ने यहां मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान की बहनों को साड़ी बांटी। अलग-अलग बस्ती में जाकर करीब दो हजार साडिय़ां नरेन्द्रसिंह पंवार ने भेंट की। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान की लाडली बहना योजना की जानकारी भी दी। साथ ही सांसद शंकर लालवानी के विकास कार्यो को बताया। नन्हे-मुन्ने बच्चों के बीच केक काटकर उन्हें अपने हाथो से नरेन्द्रसिंह पंवार ने खिलाया। इस दौरान गरीब बस्ती के इक्कीस बच्चों की पूरी शिक्षा की जवाबदारी भी लेने का संकल्प नरेन्द्रसिंह पंवार ने अपने जन्मदिन पर लिया। सांसद प्रतिनिधि नरेन्द्रसिंह पंवार का कहना है कि मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान अपनी लाडली बहनों के लिए नई योजना चला रहे हैं। हम भी उनकी मदद कर सकते हैं। गरीब बच्चों और महिलाओं के बीच जाकर जन्मदिन मनाया। जब बच्चों और महिलाओं को उनकी जरूरत का सामान मिला तो उन्होंने दुआएं दी। जिससे दिल को सुकुन मिला। होटल, पब में जन्मदिन की पार्टियां देने की बजाय गरीब, जरूरतमंद के चेहरे पर मुस्कान लाना बेहतर है।

Exit mobile version