लगभग 11 वर्ष पहले चाकू से गोदकर युवक की हत्या करने वाले हत्यारे को इंदौर सत्र न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने परिस्थितिजन्य साक्ष्य के आधार पर सजा सुनाई है। हत्यारे पर 11 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है। वारदात को अंजाम देने के बाद हत्यारा शव कमरे में रखकर दरवाजा बंद कर भाग निकला था।
वारदात 4 अगस्त 2012 दोपहर करीब 12.30 बजे की है। अन्नपूर्णा थाना पुलिस को अनीस ठाकुर की मंगेतर ने सूचना दी थी कि उसके मंगेतर के फ्लैट का दरवाजा बाहर से बंद है और फ्लैट के दरवाजे पर खून के निशान नजर आ रहे हैं। फ्लैट के भीतर पंखा चलने की आवाज आ रही है। पुलिस फ्लैट का ताला तोड़कर भीतर पहुंची। वहां अनीस ठाकुर मृत हालत में पड़ा था। पुलिस को मौके से खून लगे हाथ के चार दस्ताने और खटकेदार चाकू मिला।
आखिरी बार हत्यारे के साथ देखा था युवक को
युवक के गले और पेट पर चाकू के गहरी चोट के निशान थे। कमरे की दीवार पर खून के छींटे मौजूद थे और फर्श पर खून फैला हुआ था। पहली नजर में आभास हो रहा था कि किसी ने फ्लैट में घुसकर हत्या की और ताला लगाकर भाग गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और अंकुर नामक युवक को हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया। जांच में यह बात भी सामने आई कि अनीस अंतिम बार अंकुर के साथ ही देखा गया था। पुलिस ने आरोपित के पास से मृतक का एटीएम कार्ड और अन्य दस्तावेज भी जब्त किए थे।
हत्यारे पर अर्थदंड भी लगाया
जिला अभियोजन अधिकारी संजीव श्रीवास्तव ने बताया कि सत्र न्यायालय ने प्रकरण में निर्णय पारित करते हुए हत्यारे अंकुर को आजीवन कारावास और 11 हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया। अभियोजन की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजक शोभा दशोरे ने की।
