म. प्र. के आबकारी विभाग में १0 करोड रुपये लेकर सहायक आयुक्त आबकारी से उपायुक्त आबकारी में पदनाम की पदस्थापना का बडा खेल आबकारी मंत्री के ओ. एस. डी राजेश हेनरी द्वारा खेला जा रहा है चुनाव की अधिसूचना के ऐन पहले लोकायुक्त में 300 करोड की अनुपात हीन सम्पत्ति के दागी आलोक खरे को रीवा उपायुक्त, प्रमोद झा जिसकें विरूद्ध अभी ताजा प्रकरण लोकायुक्त द्वारा करीब छः. करोड का पंजीबद्ध किया गया है उसे मोटी रकम लेकर ग्वालियर संभाग का उपायुक्त बनाकर उपकृत किया जा रहा है इसी प्रकार ग्वालियर मुख्यालय में धार से तस्करी के मामले में हटाये गये सहा. आयुक्त यशवंत धनोरा को सागर संभाग का उपायुक्त बनाया जा रहा हैं इसी प्रकार एक अयोग्य ए. डी. ओ. विनोद खटीक को उज्जैन स हा आयुक्त जैसे वरिष्ठ पद का प्रभार मोटी रकम लेकर दिया जा रहा है ग्वालियर के वरिष्ठतम उपायुक्त नरेश चौबे को मुख्यालय ग्वालियर अटैच किया जा रहा है जबकि उनकी सेवानिवृति को मात्र चार माह बचे हैं इसी प्रकार खंडवा और छिंदवाडा से भ्रष्टाचार के आरोप से हटाये गये माधोसिंह भायिडया को मोटी रकम लेकर इनके विरुद्ध संस्थित विभागीय जांच को खत्म कर इन्हें उपायुक्त आबकारी के जबलपुर के पद से नवाजा जा रहा हैं तथा विभाग के वरिष्ठतम अधिकारी अग्निहोत्री को मात्र सात माहों में ही जबलपुर के पद से हटाया जा रहा हैं। वीके. वर्मा जैसे अयोग्य ए ड़ीओ. को अलीराजपुर का जिला आबकारी अधिकारी लोकायुक्त प्रकरण पंजीबद्ध अधिकारी बृजेन्द्र कोरी को रतलाम जैसे महत्वपूर्ण जिले का प्रभार दिया जा रहा है यह सब नियम विरुद्ध तथा स्थानान्तरण नीति के विरुद्ध मात्र भ्रष्टाचार के लिये किया जा रहा है।
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