मासूम के हाथों में आई गुड़िया, तो चेहरे पर लौटी मुस्कान, उज्जैन की 15 साल की दुष्कर्म पीड़िता का अस्पताल में मनाया जन्मदिन

By Abhishek Raghuvanshi
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  • जुल्म व दर्द से उबारने को चिकित्सकों और स्टाफ ने अस्पताल में मनाया बिटिया का जन्मदिन।
  • उज्जैन में आटो चालक की हवस का शिकार हुई 15 वर्षीय मासूम बच्ची का इंदौर के अस्पताल में जन्मदिन मनाया गया।
  • उज्जैन में आटो चालक की हवस का शिकार हुई 15 वर्षीय मासूम बच्ची का जन्मदिन मनाया गया।
  • चिकित्सकों ने अस्पताल के वार्ड को सजाया, उपहार में खिलौने दिए, नए कपड़े भी पहनाए।
  • बिटिया का जन्मदिन मनाने की आनन-फानन में तैयारी कर डाली।

किशोर मन पर जुल्म से मिले कभी न भर पाने वाले घाव पर जब बर्थडे विश का मरहम लगा तो मासूम बच्ची के मुरझाए चेहरे पर 10 दिन से गुम मुस्कान बरबस ही लौट आई। अस्पताल स्टाफ के बीच केक काटते वक्त तालियों की गड़गड़ाहट और जन्म दिन की शुभकामनाओं के बीच मिले उपहारों ने उसे भूरपूर खुशी दी तो उसे अपने जन्मदिन पर वह दर्द कम होता नजर आया, जो उससे उसकी खुशी छीन ले गया था।

शहर के एमटीएच अस्पताल में गुरुवार को वह नजारा सुखद अहसास से भर देने वाला था, जब 10 दिन पहले उज्जैन में एक आटो चालक की हवस का शिकार हुई 15 वर्षीय मासूम बच्ची का जन्मदिन मनाया गया। अस्पताल में मासूम का इलाज चल रहा है। उसकी तबीयत में भी काफी सुधार हुआ है, लेकिन सप्ताह भर से ज्यादा वक्त से दिन-रात उसकी देखरेख और इलाज में जुटे अस्पताल के स्टाफ को मासूम से हमदर्दी हो गई थी।

जब से मासूम अस्पताल में आई उसकी देखरेख करने वाली अधिकांश महिला चिकित्सक व नर्सिंग स्टाफ उसे दवाओं के साथ लाड-दुलार देकर हादसे से उबारने का प्रयास कर रहा है। दुष्कर्म के बाद मुरझाए उसके चेहरे पर रौनक लाने का उनको एक अवसर नजर आया, जब पता लगा कि उसका गुरुवार को 15 वां जन्मदिन है। बस, फिर क्या था। धरती के भगवानों ने बिटिया का जन्मदिन मनाने की आनन-फानन में तैयारी कर डाली।

सुबह से ही एक कमरे में गुब्बारे लटका दिए और केक भी मंगा लिया। अस्पताल को उत्सवी रंग दिया गया। सारा स्टाफ उसके लिए उपहार भी लेकर आया। बच्ची के माता-पिता को उज्जैन से बुलवाया गया और ‘लाड़ली लक्ष्मी’ को सभी ने बधाइयां दीं। मकसद एक ही था- मासूम को उसको मिले जख्म से उबारकर उसके चेहरे पर भरपूर मुस्कान लाना। ऐसा हुआ भी, केक काटकर जब मासूम ने अपने आसपास दूसरों में भी अपने प्रति गहरा अपनापन और स्नेह देखा तो उसकी आंखों में खुशी के आंसू छलछला उठे। उसके चेहरे पर मुस्कान तैर गई तो देखने वालों की आंखों से भावनाएं मानों फूट पड़ीं। अस्पताल के सारे स्टाफ को उसे खुश देखकर बेहद तसल्ली महसूस हो रही थी। चिकित्सकों और स्टाफ ने बिटिया के लिए इस दिन को खास बना दिया।

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अस्पताल बन गया पार्टी हाल
जैसे ही स्टाफ को पता चला कि 5 अक्टूबर को मासूम का जन्मदिन है तो उन्होंने स्वजन को आमंत्रित किया और वार्ड को गुब्बारे व अन्य सजावटी चीजों से पार्टी हाल के रूप में सजाया। नए कपड़े पहनाए गए। कोई उपहार में बार्बी डाल लेकर आया तो किसी के हाथ में खिलौने थे। उपहार में मिले खिलौनों के हाथ में आते ही यह बच्ची कुछ देर के लिए पीड़ा को भूल अस्पताल स्टाफ से मिली खुशियों में खो गई और चेहरे ने यह खुशी बयां करने में देर न की। उत्सवी माहौल में स्टाफ ने बर्थ डे गर्ल के हाथों केक कटवाया और गीत भी गाया।

बच्ची की सेहत में लगातार सुधार
सतना जिले की रहने वाली यह 15 वर्षीय किशोरी अपने मजदूरी करने वाले माता-पिता के साथ पिछले दिनों उज्जैन में थी। उस दौरान के एक आटो रिक्शा चालक ने उसके साथ दुष्कर्म किया था। उसके बाद मासूम बदहवास होकर सड़कों पर घूम रही थी। अस्पताल के स्टाफ ने मासूम को उस बुरे सपने से बाहर लाने के लिए यह अनूठा प्रयास किया। ऐसे ही प्रयास हर दिन किए जा रहे हैं। एमटीएच अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, बच्ची की सेहत में लगातार सुधार आ रहा है। वह जिस वार्ड में भर्ती है, वहां किसी बाहरी व्यक्ति की को प्रवेश की अनुमति नहीं है। उसे दूध, दाल का पानी, ज्यूस जैसे तरल पदार्थ ही दिए जा रहे हैं।

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