महापौर ने कहा- महापौर परिषद का कार्यकाल पूरा होने तक नगर निगम को कर्ज से मुक्त कर देंगे, इंदौर के कुछ क्षेत्रों में जलजमाव की समस्या है, लेकिन अन्य शहरों के मुकाबले यहां निकाली भी जल्दी हो रही है।
वल्लभ नगर में 11 मंजिला इमारत के निर्माण को निगम ने दी मंजूरी।रीजनल पार्क को लीज पर देंगे, इससे निगम को आय होने लगेगी।नेहरू स्टेडियम व अन्य संपत्ति से भी राजस्व मिलने की उम्मीद है।
सवा चार सौ करोड़ रुपये से ज्यादा के कर्ज में डूबा इंदौर नगर निगम कर्जमुक्ति के लिए अपनी संपत्तियों से राजस्व जुटाएगा। पुनर्घनत्वीकरण के जरिए नगर निगम आने वाले चार वर्षों में कर्जमुक्त होने की उम्मीद कर रहा है।
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कार्यकाल का पहला वर्ष पूरा करने के साथ ही दावा किया कि महापौर परिषद का कार्यकाल पूरा होने तक नगर निगम कर्ज मुक्त हो जाएगा। वल्लभ नगर में अपनी जमीन पर निगम ने 11 मंजिला इमारत के निर्माण को मंजूरी दे दी है। जल्द ही रीजनल पार्क को भी लीज पर दिया जाएगा। नेहरू स्टेडियम व अन्य संपत्ति से भी राजस्व मिलने की उम्मीद है। शासन ने पूरे प्रदेश के लिए शासकीय जमीन के रिडेंसीफिकेशन (पुनर्घनत्वीकरण) की नीति लागू की है। नगर निगम इंदौर को इसमें कर्ज मुक्ति की उम्मीद नजर आ रही है।
रीजनल पार्क से आय की उम्मीद
महापौर ने कहा कि पिछली महापौर परिषद के दौर से ही निगम पर 400-425 करोड़ की देनदारी है। हमने उसे बढ़ने नहीं दिया। महापौर ने कहा कि हम रीजनल पार्क को भी लीज पर देंगे। अभी इस उद्यान पर 70-80 लाख रुपये निगम खर्च कर रहा है। आने वाले दिनों में इससे इतनी आय निगम को होने लगेगी।
चुनाव लड़ने से न इन्कार और न ही हामी
महापौर का नाम आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट के दावेदारों के रूप में सियासी गलियारों में चल रहा है। क्या विधानसभा चुनाव में दावेदारी कर रहे हैं? इस प्रश्न पर महापौर ने हामी तो नहीं भरी लेकिन सीधा इन्कार भी नहीं किया। उन्होंने कहा कि सभी नौ विधानसभा सीटें नगर निगम के अंतर्गत हैं। इन सभी पर पार्टी को जिताने की जिम्मेदारी है। इसलिए सभी विधानसभा सीटें हमारी हैं।
टेपिंग और जलजमाव पर मंथन
महापौर ने स्वीकार किया कि बरसात में जलजमाव की समस्या इंदौर के कुछ क्षेत्रों में है, लेकिन अन्य शहरों के मुकाबले यहां निकासी भी जल्दी हो रही है। बीते दौर में हुए नाला टेपिंग जैसे प्रोजेक्ट जो विफल हुए हैं, इस प्रश्न पर भार्गव ने कहा कि ऐसे बिंदु जहां त्रुटियां हैं, उन्हें ढूंढकर सुधार किया जा रहा है।
