वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में ‘एमपी के मन में मोदी- मोदी के मन में एमपी’ के नारे के साथ भाजपा ने यहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का चेहरा सामने रखकर चुनाव लड़ा। जनता ने भी इसे स्वीकारा और मत प्रतिशत का नया रिकार्ड बनाया। स्वाभाविक तौर पर ‘मोदी मैजिक’ के कारण मतदाताओं में यह उत्साह दिखाई दिया है।
इसकी एक वजह यह भी है कि पीएम मोदी की सारी रैलियां छोटे और ग्रामीण क्षेत्रों में हुई, जहां शहरों की तुलना में मतदान ज्यादा हुआ है। कल मतदान बढ़ाने में लाड़ली बहना योजना और केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना और अन्य योजनाओं का भी बड़ा योगदान रहा है। भाजपा ने इसकी ब्रांडिंग और पैकेजिंग ऐसी की कि यह मतदाताओं को भा गई। इसके मुकाबले कांग्रेस कोई मुद्दा खड़ा नहीं कर पाई।
‘लाड़ली बहना’ जैसी योजना को पीएम मोदी की उज्ज्वला और आवास योजना से जोड़ने के कारण ही महिला मतदाताओं ने भी भारी उत्साह से मतदान किया। किसान भी खुश थे क्योंकि दो दिन पहले ही किसान सम्मान निधि खाते में आई थी। धान और गेहूं के समर्थन मूल्य पर बोनस देने की भाजपा की बात भी किसानों के गले उतर गई।
आदिवासी वर्ग की सीटों पर भाजपा के लिए खोने को कुछ नहीं था
आदिवासी वर्ग की सीटों पर भाजपा के लिए खोने को कुछ नहीं था, सो वहां भी बढ़े हुए मतदान ने उत्साह जगाया है। मतदान बढ़ाने में भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी अहम जिम्मेदारी निभाई। उन्होंने जमीन पर काम किया और बता दिया कि जब वे जुट जाते हैं तो कोई लक्ष्य बड़ा नहीं होता है।
