शहर के इंदौर रोड औद्योगिक क्षेत्र स्थित प्रेस्टीज कंपनी में गुरुवार सुबह एक श्रमिक की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई।
शहर के इंदौर रोड औद्योगिक क्षेत्र स्थित प्रेस्टीज कंपनी में गुरुवार सुबह एक श्रमिक की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। श्रमिक की मौत की सूचना परिजनों को काफी देर से दी, जिससे कंपनी के सामने जमकर बवाल हुआ। भाजपा और कांग्रेस के नेता भी सूचना मिलने पर पहुंच गए और कंपनी के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। स्वजन ने कंपनी के गेट पर बैठकर पहले 50 लाख और फिर 25 लाख रुपये मुआवजे की मांग की। जानकारी के अनुसार कंपनी ने शाम को 4 लाख रुपये आर्थिक सहायता देने की सहमति दी थी।
प्रेस्टीज फैक्टरी में 25 वर्षीय आकाश पुत्र कैलाश बामनिया निवासी न्यू देवास सुबह 8 बजे काम पर गया था। यहां से उसे जिला अस्पताल संदिग्ध परिस्थिति में कंपनी से जुड़े लोग लेकर पहुंचे। उसकी मौत हो जाने पर कंपनी के लोगों ने परिजनों को सूचना दी। परिजन अस्पताल पहुंचे और इसके बाद आक्रोशित होकर फैक्ट्री पहुंच गए और जमकर हंगामा किया। कुछ ही देर में समाजजन भी वहां पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे। हंमागा करीब 4 घंटे से भी ज्यादा समय तक चलता रहा।
लापरवाही से मौत का आरोप
लोगों ने बताया कि आकाश की मौत कंपनी में गंदे पानी के टैंक में गिरने से हुई है, जबकि कंपनी में मौजूद जिम्मेदारों ने कहा कि वह अचानक बैठ गया था। हालांकि मौत के कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगा। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि मौत कंपनी की लापरवाही से हुई है। मौत के बाद कंपनी से परिजनों को सूचना तक नहीं दी गई। आकाश के शव को सीधे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, वहां भी कंपनी का कोई भी आदमी मौजूद नहीं था। आकाश के काका रूपेश बामनिया ने बताया कि वह घर का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। मूल रूप से इकलेरा माताजी नाग पचलाना के रहने वाले आकाश पर माता-पिता और छोटे भाई की जिम्मेदारी भी थी।
सूचना मिलते ही कांग्रेस अध्यक्ष मनोज राजानी, नेता प्रतिपक्ष प्रतिनिधि राहुल पवार, भाजपा पार्षद अजय तोमर सहित कई लोग मौके पर पहुंचे और कंपनी प्रबंधन से जुड़े लोगों से चर्चा की। कांग्रेस अध्यक्ष राजानी ने बताया कि कंपनी प्रबंधन ने फैक्ट्री में मौत नहीं होने की बात बताई है। परिजनों का आरोप है कि कंपनी के अंदर डूबने से मौत हुई है। प्रबंधन से चर्चा कर तत्काल 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत करवाई है।
