इंदौर ।मध्य प्रदेश में विधानसभा का चुनाव होना है। इसी बीच राजपूत समाज ने कांग्रेस और भाजपा को घेरते हुए आगामी विधानसभा चुनाव एवं पार्टी में प्रमुख पदों पर नियुक्ति के लिए अपनी आवाज को बुलंद किया है। दोनों पार्टियों से जिला अध्यक्ष पद पर राजपूत समाज की दावेदारी को लेकर मोर्चा खोल दिया है। यही नहीं वह महू और देपालपुर विधानसभा सीट पर भी स्थानीय राजपूत प्रत्याशी की मांग कर रहे हैं।राजपूत समाज के साथ अब अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के पदाधिकारी भी साथ आ रहे हैं |
अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के जिला अध्यक्ष दुले सिंह राठौर निपानिया, कार्यकारी अध्यक्ष दिलीप सिंह पवार लसूड़िया, राजेंद्र सिंह बुडानिया, मलखान सिंह तामलपुर, दशरथ सिंह , अनिल सिंह सिसोदिया , कमल सिंह डाबी, पवन सिंह सिसोदिया काली बिल्लोद, पदम सिंह चावड़ा ने बताया कि इंदौर जिले में 5 लाख से ज्यादा मतदाता राजपूत समाज के हैं। इसमें आधे मतदाता ग्रामीण क्षेत्र से अपनी भागीदारी करते हैं।भाजपा और कांग्रेस पार्टियों ने हमेशा ही राजपूत समाज की उपेक्षा की है। दोनों ही पार्टियों ने अब तक कोई जिला अध्यक्ष राजपूत समाज का नहीं बनाया है। जिला सरकारी बैंक ,भूमि विकास बैंक, दूध संघ, कृषी उपज मंडी जैसे प्रमुख पदों पर भी ग्रामीण राजपूत को दूर ही रखा गया है। जिससे समाज में नाराजगी अब खुलकर सामने आ रही है। राजपूत समाज ने महू और देपालपुर विधानसभा सीट से स्थानिय राजपूत बहुल को प्रत्याशी बनाने की दोनों ही पार्टियों से मांग की है। साथ ही जिला अध्यक्ष के पद पर भी राजपूत समाज के व्यक्ति की नियुक्ति के लिए दोनों ही पार्टी के प्रमुख पदाधिकारी और केंद्रीय शीर्ष नेतृत्व तक अपनी बात को पहुंचाई है। यही नहीं राजपूत समाज आगामी विधानसभा के बाद कैबिनेट और राज्य स्तर के दर्जी में भी समाज के प्रतिनिधित्व की मांग कर रहा है।
राजपूत समाज ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और संगठन के प्रमुख पदाधिकारी के साथ मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री को इशारा कर दिया है कि इंदौर जिले में 5 लाख से ज्यादा राजपूत मतदाता है। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष दिलीप सिंह पवार, विजय सिंह परिहार व जिला अध्यक्ष दूलेसिंह राठौर ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी की स्थापना 1980 से लेकर अब तक जिला अध्यक्ष, जिला सरकारी बैंक ,दूध संघ, भूमि विकास बैंक, कृषि उपज मंडी आदि किसी भी महत्वपूर्ण पद पर समाज को प्रतिनिधित्व करने का अवसर नहीं दिया है। क्षत्रिय महासभा के पदाधिकारी का कहना है कि समाज का बड़ा तबका हमेशा से भाजपा समर्थित रहा है।
