बीमार मां की देखभाल नहीं करता बेटा, अफसर की बात सुन देने लगा भरण-पोषण

By Abhishek Raghuvanshi
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पुलिस पंचायत : वृद्धा ने रोते हुए घटना बताई तो पंचायत ने बेटे को तलब कर समझाया।माता-पिता तो जीवित स्वर्ग है। अभी है, तो कद्र नहीं कर रहे। नहीं होने पर महत्व समझ आएगा। पल-पल उम्र घट रही इनकी। सोचो टाइमर लगा है और वह बता रहा अब बस थोड़ी ही उम्र बाकी है। अफसर की बातें सुनकर बेटे की आंखें भर आईं और मां को हर माह 20 हजार रुपये देने को तैयार हो गया।
एडीसीपी जोन-4 डा. प्रशांत चौबे के मुताबिक देवेंद्रनगर (अन्नपूर्णा नगर) निवासी 62 वर्षीय वृद्धा द्वारा शिकायत दर्ज करवाई थी। वृद्धा बीमार रहती है और बेटा खंडवा चला गया था। दवाइयों के लिए भी रुपये नहीं थे। पुलिस ने बेटे को बुलाकर समझाया। भावनात्मक बातें की और कहा कि माता-पिता तो जीवित स्वर्ग है। आज है तो कद्र नहीं हो रही। नहीं रहे तो महत्व समझ में आएगा। बेटे का मन पिघल गया और माफी मांगते हुए कहा कि वह मां को भरण पोषण के लिए हर माह 20 हजार रुपये देगा।
एडीसीपी के मुताबिक तेजाजी नगर निवासी एक वृद्धा ने ढाबा संचालक के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है। उसने कहा कि जिस फ्लैट को किराये पर लिया था, उस पर ढाबा वाले ने कब्जा कर लिया है। पुलिस ने ढाबा संचालक को नोटिस जारी कर अगले बुधवार को पेश होने के निर्देश दिए हैं। भंवरकुआं क्षेत्र के प्रताप नगर निवासी सीनियर सिटीजन ने पुत्र और बहू के खिलाफ शिकायत की। दोनों अलग रहते हैं, लेकिन आपस में विवादग्रस्त होने से मानसिक रूप से प्रताड़ित रहते थे। पुलिस ने दोनों को बुलाया और समझाइश देकर विवाद खत्म करवाया।

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