स्थित बेलेश्वर महादेव झूलेलाल बावड़ी हादसे को लेकर हाई कोर्ट में दायर दो जनहित याचिकाओं पर सोमवार को सुनवाई हुई। कोर्ट ने आरंभिक तर्क सुनने के बाद आदेश दिया कि याचिकाओं में बेलेश्वर महादेव मंदिर ट्रस्ट को भी पक्षकार बनाया जाए।
जिन दो जनहित याचिकाओं में सुनवाई हुई, उनमें से एक में याचिका प्रमोद द्विवेदी हैं तो दूसरे में पूर्व पार्षद महेश गर्ग। दोनों याचिकाओं में एडवोकेट मनीष यादव पैरवी कर रहे हैं। बावड़ी हादसे के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने और पूरे मामले की सीबीआई जांच के आदेश देने की मांग की गई है। याचिकाओं में मृतकों के स्वजन को न्यूनतम 25-25 लाख रुपये मुआवजा दिए जाने की मांग भी है।
36 लोगों की हो गई थी मौत
गौरतलब है कि 30 मार्च को बेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर में बावड़ी की स्लैब टूटने से 36 लोगों की मौत हो गई थी। ये लोग रामनवमी पर मंदिर में आयोजित हवन में शामिल होने के लिए वहां जमा हुए थे। बावड़ी करीब 80 फीट गहरी थी और उसे स्लैब डालकर बंद कर दिया गया था। हवन करने वालों को यह पता ही नहीं था कि वे बावड़ी के ऊपर बैठकर हवन कर रहे हैं। स्लैब टूटने से ये सभी लोग बावड़ी में गिर गए।
हादसे से पहले की थी शिकायत
रहवासियों का कहना है कि उन्होंने अवैध निर्माण की शिकायत भी की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। हादसे के बाद जिला प्रशासन ने नगर निगम की मदद से मंदिर के अवैध निर्माण को जमींदोज कर दिया और इससे निकले मलबे से ही बावड़ी को पाट दिया था।
