चुनाव में ड्यूटी लगते ही शासकीय विभागों में बीमार कर्मचारीयों की संख्या में एकाएक इजाफा हो जाता है। चुनाव में ड्यूटी लगने के बाद इस बार भी बड़ी संख्या में शासकीय कर्मचारी निर्वाचन कार्यालय अपनी ड्यूटी कैंसिल कराने पहुंच रहे हैं। बीमारी को लेकर ड्यूटी कैंसिल करने का आवेदन देने वाले कर्मचारियों को निर्वाचन विभाग द्वारा मेडिकल बोर्ड में भेजा जा रहा है। मेडिकल बोर्ड से इस बात की पुष्टि हो जाने के बाद की वह कर्मचारी बीमारी के चलते चुनाव ड्यूटी करने की स्थिति में नहीं है तब ही चुनाव ड्यूटी कैंसिल की जा रही है। मेडिकल बोर्ड के प्रभारी डॉक्टर बी एल सोढ़ी ने बताया कि इन दिनों चुनाव को देखते हुए प्रतिदिन मेडिकल बोर्ड बैठ रहा है। 18 से 20 कर्मचारी रोज मेडिकल बोर्ड के सामने उपस्थित हो रहे हैं । डॉक्टर सोढ़ी ने बताया कि बीपी शुगर के मरीज कॉमन हैं इन्हें चुनाव ड्यूटी से मुक्त नहीं किया जा सकता है। डॉक्टर सोढ़ी ने बताया कि बाईपास वाले कर्मचारी भी चुनाव ड्यूटी के लिए अनफिट नहीं रहते हैं। क्योंकि डॉक्टर भी उन्हें 5 किलोमीटर घूमने के लिए कहते हैं। इसलिए बाईपास की स्थिती में भी कर्मचारियों को चुनाव ड्यूटी से मुक्त नहीं किया जा सकता है।
