तबादले की जद्दोजहद में लगे उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) के साथ धोखा हो गया। जुगाड़ के कारण मनमाफिक पोस्टिंग तो हुई लेकिन लिस्ट फर्जी निकल गई। परेशान डीएसपी एक महीने से नेताओं और पीएचक्यू के चक्कर लगा रहे हैं। तीन साल से जमे डीएसपी ट्रांसफर की जद में हैं। सभी ने अपने-अपने स्तर पर सेटिंग की और नए जिले सुनिश्चित कर लिए। 8 जून को गृह विभाग से 25 डीएसपी की सूची जारी हुई तो वे खुशी से झूम उठे। ज्यादातर डीएसपी उसी स्थान पर भेजे गए जहां वह चाहते थे। रात होते-होते उनकी खुशी यह सुनकर काफूर हो गई कि सूची फर्जी है। इस पर अवर सचिव (गृह विभाग) अन्नू भलावी का नाम तो लिखा है लेकिन हस्ताक्षर नहीं हैं। अब डीएसपी दोहरी मुसीबत में हैं। एक तो उनकी मेहनत पर पानी फिर गया। दूसरा बड़ा नुकसान यह हुआ कि उनकी पोस्टिंग का राज खुल गया।
